उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में एक निर्माणाधीन पुल कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी के दौरे के कुछ देर बाद ही ढह गया. इसके बाद से राजनीति तेज हो गई है. दोनों दलों ने एक दूसरे पर आरोप लगाया गया है. कांग्रेस ने कहा है कि घटिया निर्माण के चलते पुल गिरा है वहीं माया सरकार का कहना है कि उसे बदनाम करने के लिए पुल से छेड़छाड़ की गई है. प्रदेश सरकार ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रीता बहुगुणा जोशी और विधायक विवेक सिंह पर आरोप लगाते हुए अवांछनीय तत्वों के खिलाफ मामला दर्ज कराया है.
राहुल गांधी बुंदेलखंड इलाके में जनसंपर्क के दौरान बुधवार को बांदा में थे. उन्होंने रास्ते में केन नदी के पास करिया नाले पर एक निर्माणाधीन पुल देखा तो वहां कुछ देर रूके तथा मजदूरों से मजदूरी तथा पुल की मजबूती के सन्दर्भ में बात की. काफी देर तक राहुल ने अन्य कई जानकारियां भी मजदूरों से लीं. राहुल गांधी के जाने के आधे घंटे बाद पुल का स्लैब भरभराकर नाले में गिर पड़ा. गनीमत था कि राहुल के अलावा काम में लगे मजदूर भी खाने के लिए जा चुके थे, जिससे किसी को चोट नहीं आई.
इस घटना की जानकारी होने पर राज्य सरकार की तरफ से कहा गया कि छवि खराब करने के लिए जानबूझकर निर्माणाधीन पुल की शंटरिंग को गिराने की कोशिश की गई. छेड़छाड़ के चलते ही पुल की शंटरिंग खराब हुई है. बांदा थाने में अवांछनीय तत्वों का हवाला देते हुए मामला दर्ज करा दिया गया है. वहीं विधायक विवेक सिंह का कहना है कि माया सरकार बेबुनियाद आरोप लगाने की बजाय अपने लोक निर्माण मंत्री नसीमुद्दीन की धांधली की जांच करावानी चाहिए. विधायक ने कहा कि इसके पहले बांदा मेडिकल कालेज की छत भी गिर चुकी है. भ्रष्टाचार के चलते ही चिल्ला में यमुना नदी पर बना पुल भी गिर गया.


