नई दिल्ली : 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले मामले में केन्द्रीय जांच ब्यूरो की विशेष अदालत में पूर्व टेलीकॉम मंत्री ए राजा, सांसद कनिमोझी समेत 17 आरोप तय कर दिए गए. अदालत को इस मामले में सभी आरोपियों के खिलाफ प्रथम दृष्टया सुबूत मिले. कोर्ट ने ए राजा, चंदोलिया और बेहुरा के खिलाफ धारा-409 लगाया गया है. इसके तहत दोषी पाए जाने पर उम्र कैद तक की सजा हो सकती है. अदालत ने मामले में राजा एवं दो अन्य सरकारी अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक विश्वास हनन के नए आरोप संबंधी सीबीआई की याचिका को मंजूरी भी दी. कोर्ट ने दूरसंचार कंपनियों रिलायंस टेलीकाम, स्वान टेलीकाम और युनिटेक वायरलेस पर भी इस आपराधिक षडयंत्र में साथ देने और रचने में सहायक की भूमिका निभाने का आरोप तय किया.
पटियाला हाउस स्थित सीबीआई की विशेष अदालत के न्यायाधीश ओपी सैनी ने 700 पन्नों से अधिक के अपने आदेश में कहा कि आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त सबूत हैं. अदालत ने सभी आरोपियों पर धोखाधड़ी, अपराधिक षडयंत्न और विश्वासभंग करने के आरोप तय करने के आदेश दिए हैं. न्यायमूर्ति सैनी ने कहा कि सीबीआई के पास रिलायंस अनिल धीरूबाई अंबानी समूह के प्रबंध निदेशक गौतम दोषी, समूह के अध्यक्ष सुरेंद्र पिपारा और वरिष्ठ उपाध्यक्ष हरि नायर के खिलाफ आरोप तय करने के लिए सबूत हैं.
गौरतलब है कि जिन अन्य लोगों के खिलाफ आरोप तय किए जाएंगे, उनमें स्वान टेलीकॉम के प्रवर्तक शाहिद उस्मान बलवा, उनके चचेरे भाई आसिफ बलवा, उनके सहकर्मी राजीव अग्रवाल, यूनिटेक लिमिटेड के प्रबंध निदेशक संजय चंद्रा और डीबी रियल्टी के प्रबंध निदेशक विनोद गोयनका शामिल हैं. उन्होंने कहा कि कलेगनार टीवी के शरद कुमार और बॉलीवुड के फिल्मकार करीम मोरानी के भी खिलाफ आरोप तय करने के लिए प्रथम दृष्टया साक्ष्य हैं. अदालत स्वयं ही शनिवार को आरोप तय करना चाहती थी, लेकिन सभी आरोपियों ने कहा कि उन्हें सात सौ पेज के आदेश को पढ़ने के लिए समय चाहिए इसलिए आरोप बाद में तय किए जाएं.
न्यायाधीश सैनी ने आरोपियों के खिलाफ आगामी 11 नवम्बर से औपचारिक रुप से मुकदमा शुरु करने का आदेश भी दिया. हालांकि सभी आरोपी अपने पर लगाए गए आरोपों को नकारा है. न्यायाधीश ने अपने आदेश में कहा आप सभी ने भारतीय दंड संहिता (आईपीसी)की धारा 120(बी) अपराधिक षडयंत्न, जो धारा 409,(विश्वासभंग) से संबंधित है. धारा 420(धोखाधडी), धारा 468 तथा 471, जालसाजी तथा भ्रष्टाचार निवारक कानून की विभिन्न धाराओं से जुड़े अपराधिक कृत्य किए हैं. ए.राजा,पूर्व दूरसंचार सचिव सिद्धार्थ बेहूरा और ए राजा के पूर्व निजी सचिव आर के चंदौलिया पर भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत लोकसेवक के रुप में पद का दुरुपयोग करने का मामला लगाया गया है. उन पर भारतीय दंड संहिता की धारा 409 भी लगाई गई है जिसमें आजीवन कारावास तक की सजा का प्रावधान है. इससे पहले अदालत ने 14 अक्टूबर को सीबीआई और आरोपियों की तरफ से की गई प्रतिदिन की बहस को सुनने के बाद अपने आदेश को सुरक्षित रख लिया था. आरोपियों के खिलाफ सुनवाई अदालत द्वारा मामले में आरोप तय करने पर आदेश देने के बाद ही शुरू होगी.


