नई दिल्ली: एनआरएचएम घोटाला मामले में सीबीआई ने शुक्रवार को तीन अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिनमें दो नौकरशाह और एक हाईप्रोफाइल निजी ठेकेदार शामिल हैं। अब तक इस मामले में चार गिरफ्तारी हो चुकी है जिनमें यूपी जल निगम के अधिकारी पीके जैन शामिल हैं। 10000 करोड़ रुपए की रकम वाले इस घोटाले के सिलसिले में अभी तक पांच केस दर्ज हो चुके हैं, जिसमें मायावती सरकार के पूर्व मंत्री और अब भारतीय जनता पार्टी का हिस्सा बन चुके बाबू सिंह कुशवाहा का भी नाम है। कुशवाहा के घर पर सीबीआई की रेड हो चुकी है और जल्द ही उनकी गिरफ्तारी की संभावना है।
शुक्रवार को यूपी औद्योगिक विकास प्राधिकरण के पूर्व जनरल मैनेजर अभय कुमार वाजपेयी, पूर्व महानिदेशक परिवार कल्याण एसपी राम और ठेकेदार व्यवसायी सौरभ जैन को लंबी पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया। इससे पहले इनके ठिकानों पर सीबीआई की रेड के दौरान अहम कागजात बरामद हुए थे, वहीं पीके जैन के घर से 3 किलो सोना और 1.10 करोड़ की नकदी बरामद की गई थी।
यूपी के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री अनंत कुमार मिश्र औऱ पूर्व महानिदेशक स्वास्थ्य एसपी राम भी जांच के घेरे में हैं। दर्ज हुए पांच में से चार मामले दवाओं ओर मेडिकल उपकरणों की खरीद में हुई भारी धांधलियों से जुड़े हैं। राज्य की पब्लिक सेक्टर इकाइयों की मिलीभगत से इन सामग्रियों को बाजार से चार से पांच गुना ज्यादा कीमत देकर खरीदा गया था औऱ एनआरएचएम के फंड में बड़े घोटाले हुए थे।


