जनता पार्टी के प्रमुख सुब्रह्मण्यम स्वामी से सोमवार को दिल्ली पुलिस ने भड़काऊ लेख के संबंध में दो घंटे तक पूछताछ की। स्वामी कुछ वकीलों के साथ सुबह करीब दस बजकर 50 मिनट पर दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच के इंटर-स्टेट सेल पहुंचे। स्वामी ने दावा किया कि उन्हें बतौर गवाह बुलाया गया था। दिल्ली हाईकोर्ट ने गिरफ्तारी के खिलाफ 30 जनवरी तक उन्हें अंतरिम जमानत दी हुई है। उन्होंने पत्रकारों को बताया कि मुझे कुछ शब्दों का मतलब समझाने के लिए बुलाया गया था। मेरा मूल लेख चार हजार शब्दों का था, लेकिन 1,100 शब्द ही छपे। मैंने बताया कि किन पैराग्राफ को हटाया गया।
उन्होंने दावा किया कि जब वे अमेरिका में थे, तब यह लेख लिखा। वहां से उन्होंने इसे ई-मेल पर अखबार को भेजा। पूरा लेख पढऩे पर मेरे खिलाफ कोई मामला नहीं बन सकता। जब उनसे पूछा गया कि क्या जो संपादित लेख छपा, वह मूल लेख की भावनाओं को प्रदर्शित करता है, तो उन्होंने कहा, किसी लेख को संपादित करना संपादक का विशेष अधिकार होता है।


