देवरिया। उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में भी बलात्कार की चार-चार घटनाएं हो गयी हैं। पुलिस बजाय अपराधियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई करने को मामले को दबाने की भरपूर कोशिश कर रही है। इस तरह की घटनाओं पर पुलिसिया नियंत्रण समाप्त हो गया है। अन्य जिलों की पुलिस की तरह से देवरिया की पुलिस ने भी बलात्कार की घटना को छेड़खानी में तब्दील कर मुकदमा दर्ज किया है। घटना तरकुलवा थाने के ग्राम गुल्हरिया गांव की है। जहां सेना के रिटार्यड मेजर सूबेदार सुदामा भगत पुत्र सूर्य बली ने रविवार को गांव की ही एक नाबालिग लड़की सविता पुत्री नन्द लाल जिसकी उम्र महज अभी 8-10 वर्ष होगी के साथ गन्ने के खेत में बलात्कार किया।
घटना की जानकारी होने पर गांव की पंचायत में लड़की की आबरू की कीमत साठ हजार रुपया लगायी गयी थी। जिसे अदा करने के लिए बलात्कारी तैयार भी था। इसी वजह से मामला दो दिन तक दबा रहा। लेकिन कुछ लोगों की पहल पर शिकायत पुलिस तक पहुंची। इस घटना के बारे में पुलिस क्षेत्राधिकारी आरके मिश्र ने इस बारे में बताया कि पीड़िता का मेडिकल कराया जा रहा है। मेडिकल के बाद ही स्पष्ट हो पायेगा कि बलात्कार हुआ या नहीं। उन्होंने कहा कि पीड़िता की मां की तहरीर पर छेड़खानी का मामला दर्ज कर अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया गया है।
इसी तरह से जिले के खामपार थाना के नेवादा गांव में जब शौच के लिए एक नाबालिग स्याह नदी के किनारे गयी थी। उसको अकेला पाकर तीन युवकों ने पकड़ लिया और झोपड़ी में ले जाकर बलात्कार किया। लड़की के चीखने चिल्लाने पर जब तक गांव वाले घटना स्थल पर पहुंचकर वासना के दरिन्दों से नाबालिग को बचाते तीनों ने लड़की की अस्मत को रौंद कर अपना मुंह काला कर लिया था। उसमें से दो तो भाग गये थे लेकिन एक पकड़ा गया था। अभी भी फरार दोनों अपराधी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।
पिछले सप्ताह खुखुन्दु थाने के अन्तर्गत ग्राम कोल्हुआ में भी अनुसूचित जाति की चार वर्षीय निशा के साथ हैवानियत की हद पार करते हुए उसके साथ बलात्कार कर हत्या कर देने की घटना से पूरे जिले में सनसनी मच गयी थी। इस मामले में हांलाकि जिला प्रशासन ने पीड़िता के परिजनों को पचहत्तर हजार रुपये का मुआवजा देकर अपने कर्तव्यों को पूरा करने की कोशिश की है। लेकिन उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले का रहने वाला बलात्कारी महबूब जो रिश्ते में मृतका का मौसा लगता था आज भी पुलिस की हथकड़ियों से महफूज है।
बलात्कार की घटना की कड़ी में लार थाने के ग्राम चूरिया का नाम भी जुड़ गया है। जानकारी के अनुसार लार थाने के ग्राम चूरिया में कुछ ही दिन पहले पति पत्नी को जमकर पीटा गया तथा बाद में पति के सामने ही पटटीदारों द्वारा पत्नी के साथ सामूहिक रूप से बलात्कार किये जाने की शर्मनाक घटना घटित हुयी। इस मामले में खास बात यह है कि पुलिस ने तब मुकदर्मा दर्ज किया जब प्रमुख सचिव (वन) चंचल तिवारी ने एफआईआर दर्ज करने के लिए पुलिस अधीक्षक प्रशान्त कुमार को निर्देश दिया। इसके पूर्व लार थाने की पुलिस ने बलात्कार जैसे जघन्य अपराध में विरोधियों के विरूद्ध एनसीआर दर्ज कर खानापूर्ति की थी। इस मामले में बाद में पुलिस अधीक्षक प्रशान्त कुमार ने लार थाने के एसओ राम बचन धुसिया को लाईन हाजिर कर अपनी इज्जत बचाने की कोशिश की है। एसपी प्रशान्त कुमार का कहना है कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए उन्होंने मातहतों को कड़े निर्देश दिए हैं।
देवरिया से ओपी श्रीवास्तव की रिपोर्ट.


