तेहरान : ईरान ने सोशल नेटवर्किग साइट्स फेसबुक, गूगल, याहू आदि को बंद कर दिया है। साथ ही विदेशी अखबारों की वेबसाइटों को भी ब्लॉक कर दिया है। इनकी साइट खोलने पर फारसी में लिखा मिलता है- इस साइट को देखना साइबर कानून का उल्लंघन है। कुछ साइट्स पर लिखा है-एक्सेस इज़ डिनाइड। ईरान में स्थानीय बिजनेसमैन, बैंक उपभोक्ताओं, वैज्ञानिकों तथा विदेशी मीडिया की वैबसाइट्स तथा इंटरनेट लेन-देन के साधनों को भी बंद कर दिया गया है। इससे यहां के नागरिक पूरी तरह परेशान हैं। इन वेबसाइटों से जुड़े उनके कामकाज प्रभावित हो रहे हैं। इन वेबसाइटों पर लगा वैन कब हटेगा अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है।
इरान सरकार ने अपनी तरफ से पाबंदी इसलिए लगाई है क्योंकि रोक के बावजूद वचरुअल प्राइवेट प्रोवाइडर (वीपीएन) नामक सॉफ्टवेयर के जरिए लोग प्रतिबंधित वेबसाइट्स को भी देखने लगे थे। इस सॉफ्टवेयर की बिक्री पर ईरान में प्रतिबंध है। पिछले हफ्ते से स्थानीय इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर या तो वीपीएन तक पहुंच रोक चुके हैं या इंटरनेट सेवा की स्पीड इतनी धीमी कर चुके हैं कि साइट्स खुल ही नहीं पा रहीं। सरकार ने ऐसा क्यों किया है इसका कारण नहीं बताया गया है। आम ईरानी सच जाने की कोशिश में है कि कब तक इन वेबसाइटों पर से सरकारी अंकुश हटेगा।
खबर है फिलहाल ईरान के लिए राजनीतिक दृष्टि से काफी संवेदनशील समय है। ईरान काफी तनावपूर्ण स्थिति से गुजर रहा है। तमाम यूरोपीय देशों को उसने तेल आपूर्ति ठप करने की भी धमकी दी है। ईरान ने पिछले हफ्ते 1979 की इस्लामी क्रांति की जयंती मनाई थी। तीन माह के भीतर यहां चुनाव होने हैं। सरकार ने कहा था कि वह नेशनल इंटरनेट लॉंच करने जा रही है जिसके तहत सभी गैर ईरानी या गैर मुस्लिम वेबसाइट्स शामिल नहीं होंगी। पिछले मंगलवार को ही विपक्ष ने इंटरनेट पर देशवासियों से ग्रीन रिवल्यूशन की पुकार लगाई थी।


