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बयान देकर फंसे अनूप मिश्र, माया की भौहें तनी

लखनऊ। मामला कहने और सुनने में फर्क का है। योजना आयोग की बैठक में भाग लेने दिल्ली गए यूपी के मुख्य सचिव प्रेस से बात करके संकट में फंस गए हैं। उन्होंने क्या कहा और दिल्ली की प्रेस ने क्या सुना। इसमें फर्क हो गया सो मुख्य सचिव अनूप मिश्र पर मुख्यमंत्री मायावती की निगाह टेढ़ी हो गई। उनसे लिखित जबाव तलब कर लिया गया है। प्रकरण प्रदेश में बढ़ते अपराध और बालिकाओं के साथ दुराचार, हत्या की घटनाओं पर दिल्ली में दिये गए मुख्य सचिव के बयान का है। उधर मुख्य सचिव अनूप मिश्र ने दिल्ली में दिये गए बयान को तोड़ मरोड़ कर पेश किया गया बताया है। ज्ञातव्य है कि मुख्य सचिव द्वारा दिये गए बयान से सरकार की अगंभीर होने की छवि सामने आयी है।

लखनऊ। मामला कहने और सुनने में फर्क का है। योजना आयोग की बैठक में भाग लेने दिल्ली गए यूपी के मुख्य सचिव प्रेस से बात करके संकट में फंस गए हैं। उन्होंने क्या कहा और दिल्ली की प्रेस ने क्या सुना। इसमें फर्क हो गया सो मुख्य सचिव अनूप मिश्र पर मुख्यमंत्री मायावती की निगाह टेढ़ी हो गई। उनसे लिखित जबाव तलब कर लिया गया है। प्रकरण प्रदेश में बढ़ते अपराध और बालिकाओं के साथ दुराचार, हत्या की घटनाओं पर दिल्ली में दिये गए मुख्य सचिव के बयान का है। उधर मुख्य सचिव अनूप मिश्र ने दिल्ली में दिये गए बयान को तोड़ मरोड़ कर पेश किया गया बताया है। ज्ञातव्य है कि मुख्य सचिव द्वारा दिये गए बयान से सरकार की अगंभीर होने की छवि सामने आयी है।

विगत 20 जून को दिल्ली में आयोजित योजना आयोग की बैठक में भाग लेने गए मुख्य सचिव अनूप मिश्र से पत्रकारों ने अनौपचारिक बातचीत की थी। इस दौरान पत्रकारों ने उनसे यूपी में बालिकाओं की दुराचार के हत्याओं के मामले पर टिप्पणी मांगी थी। जिस पर उन्होंने कहा कि ये छोटी मोटी घटनाएं हैं जो कि होती रहती हैं। यह बयान जब 21 जून को देश के अखबारों में छपा तो हडकंप मच गया। प्रदेश शासन के मुखिया के तौर पर मुख्य सचिव द्वारा दिये गए बयान को गंभीरता से लिया गया। बसपा के वरिष्ठ नेताओं और मंत्रियों ने तत्काल मुख्यमंत्री मायावती से संपर्क किया। उन्हें अवगत कराया गया तो वे भी बेहद गंभीर हो गईं। उन्होंने कल ही मुख्य सचिव को तलब कर लिया तथा उनसे पूछताछ की। उन्होंने मुख्य सचिव को निर्देश दिये कि वे इस मामले पर लिखित स्पष्टीकरण दें।

इस मामले पर मुख्यमंत्री मायावती कितनी गंभीर हैं इसका अंदाजा इस बात से ही लगाया जा सकता है कि उन्होंने कल बाकायदा प्रेस कांफ्रेंस आयोजित करके इस मामले पर स्पष्टीकरण जारी किया। मुख्यमंत्री ने प्रेस को बताया कि उन्होंने मुख्य सचिव से जबाव तलब किया है। सुश्री मायावती ने यह भी बताया कि प्रदेश में कानून व्यवस्था में कोई ढील नहीं दी जाएगी। दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जा रही है। पूरे मामले को तूल देने के लिए उन्होंने विपक्ष को भी दोषी ठहराया है।

उधर मुख्य सचिव ने कल ही एक स्पष्टीकरण जारी कर सारे मामले के लिए मीडिया को दोषी ठहरा दिया। उन्होंने कहा कि उन्होंने इस तरह का कोई बयान नहीं दिया है। उन्होंने सिर्फ यह कहा कि प्रदेश की कानून व्यव्यवस्था की स्थिति ठीक है। इस में पहले से ज्‍यादा सुधार हुआ है। इसके अलावा उन्होंने कुछ भी नहीं कहा। श्री मिश्र ने भावुक होकर कहा कि उनका भी परिवार है। वे बहन और बेटी वाले हैं। अत: इस तरह का गैर जिम्मेदाराना बयान कैसे दे सकते हैं। हालांकि अभी उन पत्रकारों की तरफ से कोई बयान नहीं आया है जिन्होंने दिल्ली में मुख्य सचिव से बातचीत की थी।

लोकतंत्र सेनानी समिति 25 को काला दिवस मनाएगी :  आपातकाल के काले अध्याय से जनता को अवगत कराने के लिए प्रभावितों की समिति आपातकाल लोकतंत्र सेनानी समिति 25 जून को काला दिवस मनाएगी। समिति प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर कार्यक्रम आयोजित करेगी। समिति के प्रदेश अध्यक्ष ब्रज किशोर मिश्र एडवोकेट ने बताया कि इस अवसर पर दीप प्रज्‍वलित किये जाएंगे तथा काले गुब्बारे उड़ाये जाएंगे। उन्होंने बताया कि राजधानी में यह कार्यक्रम 25 जून को सायं पांच बजे डीपीओ पर गांधी प्रतिमा के समक्ष आयोजित किया जाएगा। साभार : उप्रससे

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