Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

ये दुनिया

आइए बाबा की दुकान पर, समस्‍त रोग, समस्‍या से मुक्ति दिला देंगे!

आस्था, प्रेम भावना, देश भक्ति और ऋषि मुनियों की धरती कहा जाने वाला पवित्र भारत देश आज कुछ निकम्मे बाबाओं से शर्मसार होने पर मजबूर हो गया है। हर रोज कोई नया बाबा और मियां पैदा हो जाता है और तमाम प्रकार के प्रलोभन देते हुए हर तरीके की मर्ज दूर करने की गारंटी देकर लोगो का शोषण करता है। आये दिन इस तरीके के बाबा एक नयी दुकान खोलकर बैठ जाते हैं। इन बाबाओं को न तो पुलिस देखती है और न ही प्रशासन। जब ये बाबा कोई बड़ा कांड कर डालते है तो मालूम चलता है कि जो बाबा कल तक जनता के ग्रह-नक्षत्रों को ठीक करने की हामी भर रहे थे वे या तो मर्डर मामले में वांटेड है या उन पर तमाम प्रकार के मुकदमे चल रहे है या फिर ये कई बार जेल की हवा खा चुके है। आज ही नहीं इन पर सदियों से सवाल उठते रहे है, लेकिन बाबाओं की दुकानदारी कभी बंद नहीं हुई।

आस्था, प्रेम भावना, देश भक्ति और ऋषि मुनियों की धरती कहा जाने वाला पवित्र भारत देश आज कुछ निकम्मे बाबाओं से शर्मसार होने पर मजबूर हो गया है। हर रोज कोई नया बाबा और मियां पैदा हो जाता है और तमाम प्रकार के प्रलोभन देते हुए हर तरीके की मर्ज दूर करने की गारंटी देकर लोगो का शोषण करता है। आये दिन इस तरीके के बाबा एक नयी दुकान खोलकर बैठ जाते हैं। इन बाबाओं को न तो पुलिस देखती है और न ही प्रशासन। जब ये बाबा कोई बड़ा कांड कर डालते है तो मालूम चलता है कि जो बाबा कल तक जनता के ग्रह-नक्षत्रों को ठीक करने की हामी भर रहे थे वे या तो मर्डर मामले में वांटेड है या उन पर तमाम प्रकार के मुकदमे चल रहे है या फिर ये कई बार जेल की हवा खा चुके है। आज ही नहीं इन पर सदियों से सवाल उठते रहे है, लेकिन बाबाओं की दुकानदारी कभी बंद नहीं हुई।

आज कल हरदोई में भी एक ऐसे ही बाबा लगातार अपने इश्तेहार दे रहे है, जिसका प्रमाण इस मेल के साथ संलग्न है। ये तथाकथित मियां दुनियां भर की हर प्रकार कि मर्जों को दूर करने के स्पेशलिस्ट हैं तथा इनके पर्चे आजकल हर तीसरे दिन लोगों में बांटे जा रहे है लेकिन जिला प्रशासन तथा पुलिस आँख मीचे बैठी है। इस सबसे एक सवाल तो मन में आता ही है कि इसका जिम्मेदार कोन है? इसकी ज़िम्मेदार खुद जनता है, जो पाखंडियों पर ऑंखें मूंद कर विस्वास कर लेती है और उससे भी ज्यादा ज़िमेदार है प्रसाशन जो इनकी तरफ कभी भी गलती से भी ध्यान देने कि जुर्रत नहीं करता। बस ऑंखें बंद करके बैठा रहता है या फिर आम आदमी को परेशान करने के लिए ज्यादा जाना जाता है। प्रशासन को चाहिए कि इस प्रकार के सभी  बाबाओं की जाँच करवाई जाये और इनके खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जाये।

एस गोपाल द्विवेदी

हरदोई

यूपी

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs

You May Also Like

ये दुनिया

रामकृष्ण परमहंस को मरने के पहले गले का कैंसर हो गया। तो बड़ा कष्ट था। और बड़ा कष्ट था भोजन करने में, पानी भी...

सोशल मीडिया

यहां लड़की पैदा होने पर बजती है थाली. गर्भ में मारे जाते हैं लड़के. राजस्थान के पश्चिमी सीमावर्ती क्षेत्र में बाड़मेर के समदड़ी क्षेत्र...

दुख-सुख

: बस में अश्लीलता के लाइव टेलीकास्ट को एन्जॉय कर रहे यात्रियों को यूं नसीहत दी उस पीड़ित लड़की ने : Sanjna Gupta :...

ये दुनिया

बुद्ध ने कहा है, कि न कोई परमात्मा है, न कोई आकाश में बैठा हुआ नियंता है। तो साधक क्या करें? तो बुद्ध ने...