देवरिया। 16वीं विधान सभा के चुनाव में बहुजन समाज पार्टी का जिले के सातों विधान सभा से सफाया हो गया। जबकि मतदाताओं ने समाजवादी पार्टी के पांच प्रत्याशियों पथरदेवा विधान सभा से शाकिर अली, रामपुर कारखाना से गजाला लारी, बरहज से प्रेम प्रकाश सिंह, सलेमपुर से मनबोध प्रसाद एवं भाटपार रानी से कामेश्वर उपाध्याय को चुन कर समाजवादी पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह यादव के प्रति अपनी आस्था प्रकट की है। जबकि किसी भी बसपा के प्रत्याशी के नहीं जीतने से बसपा के प्रति जनता का गुस्सा झलकता है। एनआरएचएम घोटाले में सीबीआई के हत्थे चढ़े राम प्रसाद जायसवाल की पत्नी रेनू जायसवाल का चुनाव हारना राम प्रसाद जायसवाल के लिए किसी सदमा से कम नहीं है।
उधर बसपा के पूर्व विधायक सुरेश तिवारी व प्रमोद सिंह का हारना बसपाइयों के लिए एक सबक है। इसी तरह से भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सूर्य प्रताप शाही का अपने पथरदेवा विधान सभा में हारना भी कम मायने नहीं रखता है। हांलाकि थोड़े संतोष की बात यह है कि देवरिया विधानसभा से भाजपा प्रत्याशी जन्मेजय सिंह की जीत ने भाजपा की लाज रख ली है। जबकि कांग्रेस पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता अखिलेश सिंह का रूद्रपुर विधान सभा से चुनाव जीतना कांग्रेस के लिए आक्सीजन का काम करेगी। समाजवादी पार्टी के जीते पांच प्रत्याशियों शाकिर अली, प्रेम प्रकाश सिंह, कामेश्वर उपाध्याय और गजाला लारी को लेकर मंत्रिमण्डल में शामिल किए जाने की चर्चाएं भी अभी से जारे पकड़ने लगी है। इसके साथ ही जिला प्रशासन में बसपा के हिमायती कहे जाने वाले अधिकारियों के चेहरे पर मायूसी साफ देखी जा सकती है।
देवरिया से ओपी श्रीवास्तव की रिपोर्ट.


