राजधानी लखनऊ में दो सीएमओ के हत्याकांड के मुख्य आरोपी डिप्टी सीएमओ डा. वाईएस सचान के शव का पोस्टमार्टम हो गया है. पीएम रिपोर्ट के अनुसार डा. सचान की मौत खून के ज्यादा रिसाव के चलते हुई है. उनके शरीर पर छह स्थानों पर गंभीर चोट के निशान भी पाए गए हैं. कई जगह उनकी नसें कटी हुई थीं. डा. सचान का पोस्टमार्टम छह डाक्टरों की टीम ने किया. इस रिपोर्ट के बाद आशंका गहरा गई है कि डा. सचान ने आत्महत्या नहीं की बल्कि उनकी हत्या की गई है. जबकि इससे पहले डा. सचान की संदिग्ध मौत को आत्महत्या बताया जा रहा था. उनका गला बेल्ट से लिपटा हुआ मिला था. प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए जेलर, दो डिप्टी जेलर समेत छह लोगों की निलंबित कर दिया है.
सीएमओ हत्याकांड में आज ही डिप्टी जेलर की कोर्ट में पेशी होनी थी. उसके पहले ही डा. सचान की हत्या से इस बात की आशंका गहरा गई है कि इस मामले में कई बड़े लोग भी शामिल हैं. पीएम रिपोर्ट में डा. सचान के शव पर जो छह गंभीर घाव के निशान मिले हैं वो उनकी मौत से पहले के हैं. इससे इस बात की पुष्टि हो रही है कि डा. सचान की हत्या कर उनके शव को बेल्ट के सहारे लटका दिया गया. परिवार कल्याण विभाग के सीएमओ बीपी सिंह हत्याकांड में आज ही सचान की कोर्ट में पेशी होनी थी, जहां से पुलिस उन्हें रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही थी. डा. सचान की मौत के बाद रहस्य और गहरा गया है कि बीपी सिंह और डा. विनोद आर्या की मौत में बड़े लोगों का भी हाथ है.
हत्या का खुलासा होने के बाद विपक्षी दलों ने भी मायावती सरकार पर दबाव बढ़ा दिया है. विपक्षी दल इस मामले में उच्चस्तरीय जांच के अलावा मुख्यमंत्री से भी इस्तीफे की मांग कर रहे हैं. कार्रवाई के तौर पर भले ही छह लोगों को निलंबित कर दिया गया है, परन्तु हत्या ने इस बात को और पुष्ट कर दिया है कि समाज कल्याण विभाग में भ्रष्टाचार की जड़े काफी ऊपर तक तथा प्रभावशाली लोगों तक फैली हुई हैं. ऐसे ही प्रभावशाली लोग अपनी पोल खुलने के डर से डा. सचान की हत्या करा दी होगी. डा. सचान के परिवार वालों ने भी इस मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की है.


