: दिगगजों में बिक्री-बट्टा को लेकर जूतम-पैजार शुरू : राजनाथ भी पहुंचे लखनऊ, बोले- हम भी बोलेंगे : बलिदान दिवस पर एकदूसरे को नीचा दिखाने की कवायद : लखनऊ: भाजपा में एक दूसरे को नीचा दिखाने की कवायद एक बार फिर सड़क पर आ गयी है। मौका है श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस का। राजनाथ सिंह और लालजी टंडन जैसे दिग्गजों ने बलिदान दिवस पर एक दूसरे को नीचा दिखाने के लिए अपनी-अपनी तलवारें म्यान से निकाल ली हैं। गुरूवार को इस मौके पर तीन गुट अलग-अलग भीड़ जुटाने में मशगूल हैं। लेकिन भाजपाइयों की यह करतूत अब खुला खेल फर्रूखाबादी की तर्ज पर सतह से ऊपर आ चुकी है।
भाजपा में अराध्य समझे जाने वाले डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस के मौके पर लखनऊ में एक नया ड्रामा शुरू हो गया है। अपनी ताकत का अहसास कराने के लिए हमेशा मौके की तलाश में रहने वाले दिग्गजों ने इस बार फिर खुल कर अपनी चालें चल दीं। अपने आधार को मजबूती दिलाने के लिए कोई संघ की शरण में आया तो किसी ने मुख्यालय पर ही सतुआ-पिसान डाल दिया। एक ने तो भाजपाई महापौर के साथ मिलकर नगर निगम के सभागार को अपना दंगल क्षेत्र बना लिया है। लेकिन इस हालत के चलते सर्वाधिक दुर्गति तो आम कार्यकर्ता की हो गयी है जो यह समझ ही नहीं पा रहा है कि आखिर वह किस नेता के कार्यक्रम में शिरकत करे।
बलिदान दिवस को मनाने के लिए भाजपा के मीडिया प्रबंधकों की कवायद कल शाम से शुरू हुई। सबसे पहले पत्रकारों को खबर दी गयी कि गुरूवार को इस मौके पर कश्मीर समस्या पर संगोष्टी आयोजित की जाएगी। यह संगोष्ठी नगर निगम के त्रिलोकनाथ हाल मे शाम साढे पांच बजे से शुरू होगी जिसमें भाजपा के उपाध्यक्ष रहे एमएलसी और पूर्व मंत्री हृदयनारायण दीक्षित मुख्य अतिथि होंगे।
भाजपा की पुरानी कार्यकारिणी में श्री दीक्षित उपाध्यक्ष और प्रवक्ता रहे हैं। अपनी लेखनी से निहायत बेहतरीन हैसियत में आ चुके श्री दीक्षित सूर्यप्रसाद शाही की कार्यकारिणी में पूरी तरह उपेक्षित ही माने जाते हैं। उधर महापौर डॉक्टर दिनेश शर्मा पार्टी के दिग्गज लालजी टण्डन के धुर विरोधी हैं। पिछले चुनाव में टिकट न मिलने को लेकर उनका श्री टण्डन से विरोध जग जाहिर हो चुका है। तब यह टिकट लालजी टण्डन के बेटे को दे दिया गया था।
दूसरी खबर आयी भाजपा मुख्यालय से। एक सूचना में कहा गया कि बलिदान दिवस के मौके पर सायं साढ़े तीन बजे से मुख्यालय में ही एक सभा होगी जिसमें एमपी लालजी टण्डन के अलावा मुख्तार अब्बास नकवी समेत कई और दिग्गज शामिल होंगे। सूत्रों के अनुसार, जाहिर है कि यह नगर निगम में होने वाली संगोष्ठी का जवाब ही है। जानकारों के अनुसार श्री टण्डन इस तरह प्रदेश भाजपा मुख्यालय पर अपना दबदबा साबित करना चाहते हैं। अभी यह खबर पहुंची ही थी, कि अचानक एक और संदेशा आ गया।
इसके मुताबिक पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह आरएसएस मुख्यालय स्थित सभागार में संगोष्ठी करने वाले हैं। यह कार्यक्रम ठीक उसी समय शुरू होगा जब नगर निगम में संगोष्ठी हो रही होगी। यानी साढ़े पांच बजे शाम। बताते हैं कि इस तरह श्री सिंह ने आरएसएस शरणम् गच्छामि का नारा बुलंद कर दिया है। लेकिन कार्यकर्ता यह समझ ही नहीं पा रहे है कि किस कार्यक्रम में पहुंच कर वे अपना बलिदान करें। क्योंकि इस तरह वे दूसरे गुटों के विरूद्ध खड़े साफ दिख जाएंगे।


