ऊना : ”मैं भारतीय जनता पार्टी को छोड़ सकता हूं, ऐसा सोचना व पूछना ही मूर्खता होगी। भाजपा मेरी कर्मभूमि है और पार्टी के लिए निष्ठा व स्वार्थ के बिना काम किया है और करूंगा। पार्टी को छोडऩे का तो सवाल है नहीं उठता है।” यह बात भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार ने विश्राम गृह ऊना में पत्रकारों द्वारा उनके भाजपा छोड़ अन्य दल में शामिल होने के सवाल के जवाब में कही। इस अवसर पर भाजपा के जिला मीडिया प्रभारी और प्रदेश मीडिया एडवाइजरी कमेटी के सदस्य हरि ओम भनोट भी उनके साथ थे। शांता कुमार ने कहा कि ऐसी भ्रांति का निराकरण होना चाहिए। उन्होंने कहा कि हिमाचल लोकहित पार्टी (हिलोपा) के अध्यक्ष महेश्वर सिंह ने कभी भी मेरे बारे में पार्टी छोडऩे की बात मीडिया या किसी मंच पर नहीं की है।
उन्होंने कहा कि महेश्वर सिंह से उनकी बातचीत भी इसको लेकर हुई है और महेश्वर सिंह ने इस बात से इंकार किया है कि उन्होंने कभी ऐसा कोई बयान दिया है जिसमें मेरे पार्टी छोडऩे या किसी और पार्टी में शामिल होने की बात कही गई हो। शांता कुमार ने हिमाचल में भाजपा के भीतर उठ रहे सवालों पर कहा कि हिमाचल के विषय में कोई भी बात फिलवक्त वह नहीं करना चाहते हैं। भाजपाध्यक्ष पद पर सतपाल सिंह सत्ती की तैनाती के संबंध में पूछे गए सवाल पर शांता कुमार ने कुछ भी कहने से इंकार करते हुए कहा कि इस विषय अभी वह कोई चर्चा नहीं करेंगे। पंजाब प्रांत भाजपा के प्रभारी शांता कुमार ने पंजाब की जीत को एतिहासिक करार देते हुए कहा कि दोनों दलों ने अच्छा प्रदर्शन किया है और जनता ने जो विश्वास पुन: जताया है, उस पर गठबंधन खरा उतरेगा।
उन्होंने कहा कि भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व ने समय रहते जो निर्णय पंजाब को लेकर किए वह सही व उचित निर्णय साबित हुए, उसी का परिणाम है कि भाजपा व अकाली गठबंधन ने 46 वर्ष बाद इतिहास रचा है। पंजाब में भाजपा की सीटें कम होने के सवाल पर शांता कुमार ने कहा कि पंजाब में भाजपा की सीटें 19 से 12 नहीं बल्कि 2 से 12 हुई हैं। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनावों के दौरान भाजपा महज 2 सीटों पर ही बढ़त मिली थी लेकिन पार्टी के प्रयासों से यह 12 हो गई हैं। ऐसे भाजपा ने पंजाब में शानदार प्रदर्शन किया है। पिछली बार 23 सीटों पर चुनाव लड़ा गया था तो उसमें से 19 जीती थीं। इस बार 12 सीटों पर विजय प्राप्त हुई है। उन्होंने कहा कि पंजाब के चुनाव परिणाम से मैं पूरी तरह संतुष्ट हूं। पंजाब में भाजपा कोटे में कितने मंत्री पद आएंगे इस सवाल पर शांता कुमार ने कहा कि वह इसी सिलसिले में विचार विमर्श के लिए चंडीगढ़ जा रहे हैं। सभी निर्णय आपस में मिलजुल कर लिए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि पंजाब में मंत्रिमंडल के गठन को लेकर किसी भी प्रकार का विवाद नहीं है। पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के साथ पार्टी का पुराना संबंध है और सर्वसम्मति से बात बन जाएगी। भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शांता कुमार ने कहा कि उत्तराखंड के मुख्यमंत्री बी.सी.खंडूरी की हार का कारण कमजोर प्रबंधन रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री खंडूरी पार्टी को जीत दिलवाने के लिए पूरे प्रदेश में प्रचार करते रहे। उन्होंने अपनी सीट की कोई चिंता नहीं की। पार्टी को विजय दिलवाने के लिए उन्होंने अपने चुनाव क्षेत्र की तरफ अधिक ध्यान नहीं दिया जिससे वह चुनाव हारे। शांता कुमार ने कहा कि खंडूरी की हार के कारण वह लोग भी रहे जो उनकी उत्तराखंड में वापसी के चलते परेशान थे। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में कैप्टन ने जहाज को डूबने से बचा लिया और वह खुद डूब गया। उन्होंने कहा कि इस देश का दुर्भाग्य है कि अटल बिहारी वाजपेयी चुनाव हार जाते हैं तो फूलन देवी चुनाव जीत जाती है। भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शांता कुमार ने कहा कि पंजाब, गोवा और उत्तराखंड में भाजपा की जीत बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि अब मिशन 2014 भी सफल होगा। पार्टी केन्द्र की सत्ता में शानदार वापसी करेगी। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में दिल्ली भी फतेह कर ली जाएगी।
राजीव भनोट की रिपोर्ट.


