नई दिल्ली। भारतीय मूल के विवादास्पद ब्रिटिश लेखक सलमान रूश्दी की भागीदारी को देखते हुए केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी और जम्मू एवं कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इंडिया टुडे कॉन्क्लेव में अपनी भागीदारी रद कर दी है। इसके पहले पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर एवं राजनेता इमरान खान ने भी सलमान रूश्दी की भागीदारी को देखते हुए इस कार्यक्रम से खुद को अलग कर लिया था। इंडिया टुडे कॉन्क्लेव के आयोजकों ने दोनों राजनेताओं के इस कार्यक्रम से होने का कोई कारण नहीं बताया है, पर माना जा रहा है कि सलमान रूश्दी के चलते ही ये लोग आयोजन में आने से इनकार कर दिया है।
वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी बजट पेश करने के एक दिन बाद आयोजन में हिस्सा लेने वाले थे, परन्तु उन्होंने आखिरी समय में आयोजन में हिस्सा लेने में असमर्थता जताते हुए खेद व्यक्त कर दिया। बताया जा रहा है कि अपनी भावी राजनीतिक को देखते हुए प्रणब दा ने यह कदम उठाया है। पश्चिम बंगाल में उनके चुनाव क्षेत्र जंगीपुर से उन पर भारी दबाव है, यहां मुसलमानों की बड़ी आबादी है, जो प्रणब मुखर्जी को वोट करती है। सलमान रूश्दी इस दो दिवसीय वार्षिक आयोजन के समापन सत्र में हिस्सा लेने के लिए राजधानी दिल्ली में आ चुके हैं। जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुला ने भी कॉन्क्लेव में उपस्थित होने में असमर्थता जता दी है। माना जा रहा है कि वे भी राजनीतिक कारणों से भाग नहीं ले रहे हैं।
गौरतलब है कि शुक्रवार को होने वाला सलमान रूश्दी का साहित्यिक सत्र शनिवार के लिए स्थगित कर दिया गया था, क्योंकि इमरान खान ने भी इस मुदे पर आयोजन से खुद को अलग करते हुए आने में असमर्थता जता दी थी। राजधानी के पांच सितारा होटल में आयोजित इस कार्यक्रम में सलमान रूश्दी की भागीदारी ऐसे समय में हो रही है, जब दो महीने पूर्व ही देश के कट्टरपंथी मुस्लिम संगठनों ने जयपुर में आयोजित साहित्य सम्मेलन में इस विवादास्पद लेखक को आने को लेकर बवाल कर दिया था। अपनी राजनीतिक जमीन देखते हुए राजस्थान की कांग्रेसी सरकार ने भी रूश्दी की सुरक्षा के नाम पर अपने हाथ खड़े कर लिए थे। रूश्दी अपने उपन्यास द सैटनिक वर्सेज के चलते विवादों में आ गए थे।


