कैलिफोर्निया। मध्य आयु में जीवन से संतुष्ट रहने वाले लोगों में जल्दी मृत्यु का खतरा बीस फीसदी से भी कम रह जाता है। अत: इंसान को चाहिए कि 50 की उम्र तक उसे जो हासिल हो जाए उसमें संतोष करे और तनाव से मुक्त होकर जीवन व्यतीत करेे। दक्षिण कैलिफोर्निया स्थित चैपमेन यूनिवर्सिटी में हुए एक नए शोध में यह पाया गया कि आमतौर पर जीवन की संतुष्टि समय गुजरने के साथ अपेक्षाकृत अनुकूल होती जाती है। कभी कभी तलाक या बेरोजगारी के रूप में हालात बदलते भी हैं। लेकिन कुछ लोग नई परिस्थिति को ज्यादा अच्छी तरह स्वीकार कर लेते हैं, इसीलिए ऐसे लोग अधिक स्थिर होते हैं। 4,000 से ज्यादा लोगों पर लगातार नौ साल तक हुई जांच के आधार पर बनी यह रिपोर्ट शोध जर्नल साइकोलॉजिकल साइंस में प्रकाशित हुई है।


