मदन मोहन सोनी – आगरा
सरकारी एंबुलेंस से लेकर ब्लड बैंक की एंबुलेंस और यहां तक की सीएमएस अनीता शर्मा की भी गाड़ी के पहिए थम से गए हैं। हालात इतने बदतर हैं कि जिला अस्पताल के चिकित्सा पदाधिकारी भी अपनी सरकारी गाड़ी को छोड़ कर अपनी प्राइवेट कार या फिर कैब से ड्यूटी पर अस्पताल पहुंच रहे हैं तो उधर मरीजों के परिजन अपने रेफर हुए मरीजों को दूसरे अस्पतालों तक पहुंचाने के लिए भी प्राइवेट टैक्सी का सहारा ले रहे हैं।
ऐसी परिस्थिति पैदा हुई है स्वास्थ्य विभाग की अस्वस्थता और शासन की कार्यशैली के कारण। मिली जानकारी के अनुसार पेट्रोल और डीजल के लिए शासन से मिलने वाला बजट अभी जिला अस्पताल को नहीं मिल पाया है जिसकी वजह से एंबुलेंस समेत तमाम गाड़ियों के पहिए थम गए हैं।
जिला अस्पताल की स्थिति ऐसी बन गई है कि डॉक्टर द्वारा रेफर कर दिए जाने की स्थिति में मरीजों के परिजनों को एंबुलेंस के लिए इधर उधर भटकना पड़ रहा है। थक हार कर परिजन जब ब्लड बैंक वाली एंबुलेंस के पास जा रहे हैं तो वहां भी निराशा हाथ लग रही है। ऐसे में प्राइवेट टैक्सी या कैब बुक करने के अलावा कोई विकल्प तीमारदारों के पास नहीं बचता है।
रिपोर्ट्स के अनुसार ऐसी स्थिति पिछले एक सप्ताह से बनी हुई है। बजट के अभाव में जिला अस्पताल के एंबुलेंस समेत , सीएमएस अनीता शर्मा की गाड़ी, डॉक्टरों की गाड़ी, ब्लड बैंकों के एंबुलेंस का पहिया थम गया है। एंबुलेंस और ब्लड बैंक की गाड़ी को जहां अस्पताल के पीछे खड़ा कर दिया गया है तो वहीं सीएमएस की गाड़ी को गैरेज भेज दिया गया है।
सीएमएस अनीता शर्मा ने इस मामले की जानकारी देते हुए बताया है कि पेट्रोल और डीजल के बजट को लेकर दिक्कत आ रही है। शासन को बजट के लिए लिखा गया है लेकिन अभी तक कोई हल नहीं हो पाया है।


