Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

बिजनेस

भारत का पहला अंग्रेजी साप्ताहिक ‘बिहार हेराल्ड’ फिर से शुरू हो गया

Mukesh Yadav : ख़ुशी की बात…मैं अपनी प्रति बुक करा रहा हूँ: भारत का पहला अंग्रेजी साप्ताहिक बिहार हेराल्ड फिर से शुरू हो गया! 1874 में शुरू हुए इस अखबार ने तब अंग्रेजों से लोहा लिया था, उम्मीद की जानी चाहिए आज मुख्यधारा के समाचार पत्रों के उलट बिहार हेराल्ड एक बार फिर समाज को बांटने में लगी और दमनकारी ताकतों के खिलाफ एक मोर्चे का काम करेगा.

Mukesh Yadav : ख़ुशी की बात…मैं अपनी प्रति बुक करा रहा हूँ: भारत का पहला अंग्रेजी साप्ताहिक बिहार हेराल्ड फिर से शुरू हो गया! 1874 में शुरू हुए इस अखबार ने तब अंग्रेजों से लोहा लिया था, उम्मीद की जानी चाहिए आज मुख्यधारा के समाचार पत्रों के उलट बिहार हेराल्ड एक बार फिर समाज को बांटने में लगी और दमनकारी ताकतों के खिलाफ एक मोर्चे का काम करेगा.

आप बिहार हेराल्ड के संस्थापक संपादक की दूरदर्शिता का अंदाज इसी बात से लगा सकते हैं कि 1874 में उन्होंने अखबार को स्लोगन दिया था – सेकुलरिज्म ऐंड डेमोक्रेसी!..आज भी ये दो शब्द इस देश में कितने क्राइसिस में हैं, यह बताने की जरुरत नहीं है. एनीवे, फिलहाल बिहार हेराल्ड पाक्षिक रहेगा और मैं अपनी प्रति बुक करा रहा हूँ…शुक्रिया.

पत्रकार मुकेश यादव के फेसबुक वॉल से.

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs

You May Also Like

ये दुनिया

रामकृष्ण परमहंस को मरने के पहले गले का कैंसर हो गया। तो बड़ा कष्ट था। और बड़ा कष्ट था भोजन करने में, पानी भी...

सोशल मीडिया

यहां लड़की पैदा होने पर बजती है थाली. गर्भ में मारे जाते हैं लड़के. राजस्थान के पश्चिमी सीमावर्ती क्षेत्र में बाड़मेर के समदड़ी क्षेत्र...

दुख-सुख

: बस में अश्लीलता के लाइव टेलीकास्ट को एन्जॉय कर रहे यात्रियों को यूं नसीहत दी उस पीड़ित लड़की ने : Sanjna Gupta :...

ये दुनिया

बुद्ध ने कहा है, कि न कोई परमात्मा है, न कोई आकाश में बैठा हुआ नियंता है। तो साधक क्या करें? तो बुद्ध ने...