
शिमला: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की मुश्किलें बढ़ती दिखाई दे रही हैं। सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय के जांचकर्ताओं ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के आवास पर छापा मारा है। चंडीगढ़ और पंजाब की पंजीकरण संख्याओं वाले वाहनों में सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारी वीरभद्र के निजी आवास हॉली लॉज पंहुचे। सीबीआई ने हिमाचल प्रदेश में मुख्यमंत्री के घर समेत दिल्ली में 11 स्थानों पर छापेमारी की है। साथ ही सीबीआई ने भ्रष्टाचार के मामले में उनके खिलाफ FIR भी दर्ज की है।
गौरतलब है कि छापेमारी की घटना शिमला में मुख्यमंत्री की बेटी की शादी के दौरान हुई। जब जांचकर्ता वहां पहुंचे तो वीरभद्र सिंह और उनके परिवार के सदस्य उस वक्त घर में मौजूद नहीं थे। सीबाआई ने वीरभद्र सिंह के केंद्रीय इस्पात मंत्री रहते हुए उनके खिलाफ लगे भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति के आरोपों की शुरुआती जांच 18 जून को शुरू की थी। सीबीआई ने वीरभद्र सिंह उनकी पत्नी प्रतिभा सिंह, बेटे विक्रम आदित्य और बेटी अपराजिता सिंह के खिलाफ आय से ज्यादा सम्पत्ति का मामला दर्ज किया। सीबीआई की एफ़आईआर में एक एलआईसी एजेंट आनंद चौहान का भी नाम है। ये मामला 2009 का है। आरोप है कि वीरभद्र सिंह ने पिछले कुछ सालों में जो इनकम टैक्स फाइल किया था, उसमें अनियमिताएं पाई गईं थी और इसी सिलसिले में ये कार्रवाई की जा रही है। वीरभद्र ने गलत तरीके से 6 करोड़ रुपए कमाए और इसे एलआईसी पॉलिसी में लगा दिया। वहीं कांग्रेस ने इसे लेकर सीधे पीएम मोदी पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस नेता गुलाम नबी आज़ाद ने कहा कि उनकी सरकार विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र में दुनिया को दिशा-निर्देश देने की कोशिश कर रही है। उनकी सरकार कैसे अपने देश में विपक्ष के साथ इस तरह पेश आ रही है? अपनी एजेंसी को अपने विपक्षी नेताओं के खिलाफ इस्तेमाल कर रही है, ऐसा विश्व में कहीं नहीं होता होगा।


