यह तो सरासर “यादववाद” है

प्रिय प्रोफेसर रामगोपाल यादव

जब यूपी के राज्यपाल महोदय ने सार्वजनिक रूप से कहा कि वे “शासन प्रशासन में एक जाति के वर्चस्व से चिंतित हैं” तो उनका इशारा यादवों की तरफ़ नहीं था। आप को लगा कि यादवों की बात हो रही है और आप यादव अफसरों का आँकड़ा ले आए। समाजवादी पार्टी के द्वारा सिर्फ यादव अफसरों का आँकड़ा जारी करना भेदभावपूर्ण है। यह सरासर “यादववाद” है।

सारी जातियों के अफसरों के आँकडे दीजिए। पता चल जाएगा कि महामहिम राज्यपाल किस जाति या जातियों के शासन प्रशासन में वर्चस्व से चिंतित हैं। यूपी के 53 प्रमुख सचिवों में सिर्फ 01 यादव है, तो यह भी तो बताएँ कि वह कौन है जो आपके शासन में ऊँचे पदों की मलाई खा रहा है। यूपी में SSP यानी सीनियर एसपी रैंक के ऊपर के 73 अफसरों में सिर्फ 01 यादव हैं तो यह बताएं कि बाकी 72 अफसर कौन हैं? राज्यपाल साहब यही तो जानना चाहते हैं कि किसका वर्चस्व है और आपने यादववाद करते हुए सिर्फ यादव अफसरों की लिस्ट जारी कर दी।

सादर

दिलीप मंडल

वरिष्ठ पत्रकार दिलीप सी मंडल के एफबी वाल से.