
नई दिल्ली : वित्त मंत्रालय द्वारा किये गये विशेष ऑडिट से केंद्र सरकार के चुनिंदा विभागों में ‘गंभीर वित्तीय अनियमितताएं’ पाई गई हैं। जिसको देखते हुए महालेखा नियंत्रक ने विभागों को निर्धारित नियमों का कड़ाई से पालन करने का निर्देश दिया है। व्यय विभाग के अंतर्गत आने वाला महालेखा नियंत्रक (सतर्कता इकाई) की तरफ से जारी आदेश में कहा गया है, ‘चुनिंदा मंत्रालयों में हाल में किये गये विशेष ऑडिट से गंभीर वित्तीय अनियमितताओं के मामले सामने आये हैं। इसका कारण निर्धारित नियमों का पालन नहीं होना है। महालेखा नियंत्रक ने इसे गंभीरता से लिया है।’
जानकारी के मुताबिक इसमें कहा गया है कि 25,000 रूपये से अधिक राशि का चेक जारी नहीं किया जाएगा और सभी पक्षों, इकाइयों या अनुबंधकर्ताओं को इलेक्ट्रानिक तरीके से भुगतान किया जाएगा। गलत वर्गीकरण या कोष के दूसरी जगह उपयोग से बचना चाहिए। निविदा प्रक्रिया में व्यय विभाग तथा केंद्रीय सतर्कता आयोग द्वारा जारी दिशानिर्देश का ध्यानपूर्वक पालन किया जाना चाहिए। निर्देश में कहा गया है कि कर्मचारियों की आउटसोर्सिंग या नियुक्ति आईएफडी (समन्वित वित्तीय विभाग) की मंजूरी के बिना नहीं की जानी चाहिए। इस संबंध में सामान्य वित्तीय नियम, 2005 में निर्धारित विभिन्न प्रावधानों का कड़ाई से पालन होना चाहिए। इसी प्रकार, वाहनों को किराये पर लेने के मामले में नियम एवं प्रक्रियाओं पालन किया जाना चाहिए और जहां भी जरूरी हो आईएफडी की मंजूरी ली जानी चाहिए। इसमें यह भी कहा गया है कि सेवा या आपूर्ति के लिये भुगतान तभी किया जाना चाहिए जब सेवा दे दी गयी हो या आपूर्ति की जा चुकी हो।


