Satish Tyagi : हरियाणा के आईएएस अधिकारियों में कुछ साहबों का ऐसा ग्रुप है जिसे “गैंग” के नाम से जाना जाता है। इसमें कुछ अफसर तो अपनी करतूतों से पूरे प्रदेश में कुख्यात हैं लेकिन कुछ ऐसे शातिर हैं जो ईमानदारी का लबादा ओढ़े हुए हैं। इन साहबों ने हर ज़िले में अपने गुर्गे पाले हुए हैं जो इन्हे “हरेक तरह की सेवा” उपलब्ध कराते हैं और बदले में ये गुर्गों का दलाली का धंधा चलाते हैं।
साहबों की हराम की कमाई का तो हिसाब ही नहीं है, मगर गुर्गे भी दलाली का माल खा-खा कर “मोटे मुर्गे” हो गए हैं। इन मुर्गों को कौन हलाल करे? सरकार कोई भी इन गुर्गों की तूती हरेक सरकार में बोलती है। मौजूदा सरकार में भी हर तरह का काम कराने का दावा करने वाले इन संरक्षण-प्राप्त दल्लों को खत्म किये बिना भ्रष्टाचार पर नकेल नहीं लग सकती। क्या मनोहर जी को इस खेल का इल्म है?
हरियाणा के वरिष्ठ पत्रकार सतीश त्यागी के फेसबुक वॉल से.


