हरियाणा के वरिष्ठ पत्रकार राजेंद्र आर्य का निधन
पुन्हाना : लंबे समय से बीमार चल रहे वरिष्ठ पत्रकार राजेंद्र आर्य का 56 वर्ष की आयु में सोमवार की रात को करीब ढ़ाई बजे देहांत हो गया है। इससे पत्रकारो सहित शहर के लोगों की आंखें नम हो गई। राजेंद्र आर्य बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे। उन्होंने पत्रकारिता करते हुए काफी समाजिक कार्य किए। उन्होंने सभी वर्ग के लोगों के सुख-दुख में उनका साथ दिया। इसके साथ ही वो आर्य समाजी विचारधारा में विश्वास रखते थे। उन्होंने अपना पूरा जीवन आर्य समाज के सिद्धांतों पर चलकर बिताया।
यूपी के पत्रकार को धमकाने वाले बसपा नेता पर केस
फर्रूखाबाद। लखनऊ से प्रकाशित दैनिक समृद्धि न्यूज के पत्रकार उपकार मणि उपकार ने धमकाने वाले बसपा मंडल कोआर्डीनेटर स्वदेशपाल के विरूद्ध रिपोर्ट दर्ज करा दी है। जिला बहुजन समाज पार्टी ने 28 जून को अमृतपुर विधान सभा क्षेत्र का ग्राम रोशनाबाद में पार्टी के सम्मेलन का आयोजन किया। पत्रकार उपकार मणि ने स्वंय सम्मेलन का कवरेज कर समाचार लिखा। यह समाचार 29 जून को दैनिक समृद्धि न्यूज के पेज नम्बर 3 पर प्रकाशित हुआ। समाचार पढने के बाद कानपुर मंडल के कोआर्डीनेटर स्वदेशपाल ने बीती शाम अपने फोन नम्बर 9451969050 से पत्रकार उपकार मणि के मोबाइल नम्बर 9451212600 पर फोन करके उन्हे जान से मारने की धमकी देते हुये अपमानित शब्दो का प्रयोग किया और कहा कि आगे तुम्हे समाचार लिखने लायक नही रखेगे। स्वदेशपाल द्वारा फोन पर धमकाये जाने की रिकार्डिंग श्री मणि के फोन में मौजूद है।
एमपी के पत्रकार मनीष ममार पर जानलेवा हमला
नरसिंहपुर । गाडरवारा में पत्रकार मनीष ममार पर जानलेवा हमले किये जाने का “अांल इंडिया स्माल न्यूज पेपर एसोशिएसन (आइसना)” घोर निंदा करती है. वही अपराधियों के खिलाफ शीघ्र कार्यवाही और गिरफ्तारियों की मांग करती है साथ ही हमले किये जाने के पीछे के कारण शहर में जुअे के खुलेआम संचालन करना था जिसका पत्रकार मनीष जुआ फड़ का लगातार विरोध कर रहे थे, मनीष ममार को कल उन्हें धोखे से बुलाकर जान से मारने की साजिश थी। जिस पर अपराधी सफल नही हो सके. पत्रकारों पर अब रोज हमले हो रहे है पूरे मध्यप्रदेश से आयेदिन खबरें आ रही है प्रशासन और सरकार की मिलीभगत के कारण पत्रकारों पर हमले बढ गये है, साथी मनीष ममार के खिलाफ जुआ माफिया द्वारा किये गए प्राणघातक हमले में जोरदार विरोध प्रदर्शन पत्रकार करेगें, वही प्रशासनिक व्यावस्था दुरूस्त नही की गई तो फिर पत्रकारों को अपने सम्मान को बचाने, माफियाओं को हिलाने, प्रशासन को जगाने वहिसष्कार का रास्ता अपनाना पड़ेगा.


