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शारीरिक तौर पर फिट अभिषेक सिंह पर विकलांग कोटे के जरिए आईएएस बनने का आरोप

असलम सिद्दीकी

लखनऊ : दिल्ली सरकार में तैनात यूपी काडर के आई.ए.एस. अधिकारी अभिषेक सिंह पर गंभीर आरोप लगे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने पूरे प्रकरण की जांच करने के बाद कार्यवाही करने के लिए मामले को केन्द्र सरकार को रिफ़र कर दिया है, साथ ही साथ दिल्ली की केजरीवाल सरकार भी अपने स्तर पर प्रकरण की जांच करा रही है। 2011 बैच के आई.ए.एस. अधिकारी अभिषेक सिंह वर्तमान समय में दिल्ली सरकार के अधीन प्रतिनियुक्ति पर उपायुक्त/जि़लाधिकारी शहादरा के पद पर तैनात हैं और आई.ए.एस. अधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल के पति हैं। आई.ए.एस. अभिषेक सिंह अपने पर लगे आरोपों पर चुप हैं।

असलम सिद्दीकी

लखनऊ : दिल्ली सरकार में तैनात यूपी काडर के आई.ए.एस. अधिकारी अभिषेक सिंह पर गंभीर आरोप लगे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने पूरे प्रकरण की जांच करने के बाद कार्यवाही करने के लिए मामले को केन्द्र सरकार को रिफ़र कर दिया है, साथ ही साथ दिल्ली की केजरीवाल सरकार भी अपने स्तर पर प्रकरण की जांच करा रही है। 2011 बैच के आई.ए.एस. अधिकारी अभिषेक सिंह वर्तमान समय में दिल्ली सरकार के अधीन प्रतिनियुक्ति पर उपायुक्त/जि़लाधिकारी शहादरा के पद पर तैनात हैं और आई.ए.एस. अधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल के पति हैं। आई.ए.एस. अभिषेक सिंह अपने पर लगे आरोपों पर चुप हैं।

आई.ए.एस. अभिषेक सिंह पर आरोप है कि पूर्ण रूप से स्वस्थ होते हुए भी उन्होंने विकलांग कोटे का उपयोग करके आई.ए.एस. बनने में सफलता पाई, जबकि अभिषेक सिंह शारीरिक तौर पर पूरी तरह से फि़ट हैं। साथ ही अभिषेक सिंह पर आरोप है कि उत्तर प्रदेश का मूल निवासी होने के बावजूद उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य का फर्जी डोमीसाईल प्रमाण पत्र लगाया और गृह राज्य होने के बाद भी यू.पी. काडर में आउट-साइडर होते हुए, अपने गृह राज्य उत्तर प्रदेश में तैनाती पाने में सफल रहे। 

सूत्रों की मानें तो श्री सिंह बचपन से लेकर आई.ए.एस. बनने तक, किसी भी प्रकार की शारीरिक विकलांगता के शिकार नहीं हुए, इसके बावजूद कूटरचित एवं फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर विकलांग कोटे के तहत आई.ए.एस. बन गए। जिस मेडिकल बोर्ड ने श्री सिंह की विकलांगता का प्रमाण पत्र जारी किया था, उसकी भूमिका भी काफी संदिग्ध है। साथ ही अभिषेक सिंह की शिक्षा भी उत्तर प्रदेश में ही हुई है और इनके परिवार के लोग भी उत्तर प्रदेश के ही निवासी हैं। 

पूरे मामले की शिकायत जूनियर बार एसोसिएशन प्रतापगढ़ के पूर्व अध्यक्ष एवं उच्च न्यायालय इलाहाबाद, लखनऊ बेंच के वरिष्ठ अधिवक्ता विनोद कुमार ने प्रधानमंत्री से लेकर उ.प्र. के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव तक से की। इस मसले पर विनोद कुमार का कहना है कि यह एक अत्यंत ही गम्भीर प्रकरण है, जिसमें फर्जी दस्तावेजों के जरिए एक व्यक्ति आई.ए.एस. बनने में सफल रहा। अधिवक्ता विनोद कुमार ने अभिषेक सिंह, आई0ए0एस0 को उनके पद से हटाए जाने की मांग की है।  पूरे मामले पर प्रमुख सचिव नियुक्ति राजीव कुमार ने बताया कि प्रकरण की जांच की गई है, चूंकि आगे की कार्यवाही केन्द्र सरकार को करनी है, इसलिए मामले को केन्द्र सरकार को रिफ़र कर दिया गया है।  वहीं इस गम्भीर मामले पर जब उपायुक्त शहादरा आई.ए.एस. अभिषेक सिंह से उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया तो उन्होंने ‘नो कमेन्ट्स‘ कहकर बात ही समाप्त कर दी।

Aslam Siddiqui
Bureau Chief
PUNJAB KESARI
Mb- 08127786786

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