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कवि उमेश चौहान को 2015 का रेवांत मुक्तिबोध साहित्य सम्मान

चर्चित पत्रिका “रेवान्त” की तरफ से प्रतिवर्ष दिया जाने वाला मुक्तिबोध साहित्य सम्मान इस वर्ष प्रसिद्ध कवि उमेश चौहान को दिये जाने का निर्णय चयन समिति ने सर्वसम्मति से किया है। समिति के सदस्य हैंः- आलोचक वीरेन्द्र यादव, कथाकार एवं तद्भव के सम्पादक अखिलेश, कवि बद्रीनारायण, युवा आलोचक अवधेश मिश्र और रेवान्त पत्रिका की सम्पादक अनीता श्रीवास्तव। समिति ने उमेश चौहान के नाम को सम्मान हेतु संस्तुति करते हुए कहा है कि कविताओं में जो पहली अभिरूचि या बुनियादी सरोकार दिखाई पड़ता है बस यही है कि हमारे समय का जो कथित या तथाकथित जनतंत्र है, उसकी दुरभिसन्धि में उसके चक्रव्यूह में अथवा उसके शिकंजे में फंसे एक साधारण आदमी की चीखों को परखना उसका आवाज देना है– यही उनकी कविताओं का संकल्प है।

चर्चित पत्रिका “रेवान्त” की तरफ से प्रतिवर्ष दिया जाने वाला मुक्तिबोध साहित्य सम्मान इस वर्ष प्रसिद्ध कवि उमेश चौहान को दिये जाने का निर्णय चयन समिति ने सर्वसम्मति से किया है। समिति के सदस्य हैंः- आलोचक वीरेन्द्र यादव, कथाकार एवं तद्भव के सम्पादक अखिलेश, कवि बद्रीनारायण, युवा आलोचक अवधेश मिश्र और रेवान्त पत्रिका की सम्पादक अनीता श्रीवास्तव। समिति ने उमेश चौहान के नाम को सम्मान हेतु संस्तुति करते हुए कहा है कि कविताओं में जो पहली अभिरूचि या बुनियादी सरोकार दिखाई पड़ता है बस यही है कि हमारे समय का जो कथित या तथाकथित जनतंत्र है, उसकी दुरभिसन्धि में उसके चक्रव्यूह में अथवा उसके शिकंजे में फंसे एक साधारण आदमी की चीखों को परखना उसका आवाज देना है– यही उनकी कविताओं का संकल्प है।

दूसरी तरफ इनकी कवितायें संरचना या शिल्प के आतंक से मुक्त कविताएं हैं और इनकी कविताएं अपने समय की बड़ी समस्याएं हैं उनसे सीधे जुड़ी हुई हैं। उमेश चौहान ने विद्यार्थी काल से ही हिन्दी तथा अवधी में लेखन किया है। हिन्दी और मलयालम की विभिन्न पत्र पत्रिकाओं व समाचार पत्रों में कविताएं प्रकाशित होती रही हैं। उमेश चौहान की प्रमुख कृतियाँः- गाँठ में लूं बांध थोड़ी चाँदनी (प्रेम गीतों का संग्रह), दाना चुगते मुर्गे, प्रतिनिधि कवितायें, जिन्हें डर नहीं लगता एवं जनतंत्र का अभिमन्यु, आदि। अभय देव स्मारक भाषा समन्वय पुरस्कार तथा इफ्को द्वारा राजभाषा सम्मान से भी नवाजा गया है। रेवान्त मुक्तिबोध साहित्य सम्मान 2015 के अन्तर्गत उमेश चौहान को प्रशस्तिपत्र, अंगवस्त्र, स्मृति चिह्न एवं 11 हजार की नकद पुरस्कार राशि प्रदान की जायेगी। पत्रिका की सम्पादक एवं संयोजिका अनीता श्रीवास्तव ने बताया है कि यह सम्मान समारोह दिसम्बर में लखनऊ में होगा।

अनीता श्रीवास्तवा
संपादक
‘रेवांत’

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