RSS के मुख्यपत्र की कवर स्टोरी- ‘वेदों में लिखा है कि गाय काटने वाले पापी की हत्या कर देनी चाहिए’

Balendu Swami : आरएसएस के मुख्यपत्र पाञ्चजन्य की कवर स्टोरी के अनुसार “वेदों में लिखा है कि गाय काटने वाले पापी की हत्या कर देनी चाहिए.” अब बताइये कि क्या अंतर रह गया इस्लाम के शरिया और इनमें? कुरान की इसी तरह की हिंसक आयतों का हवाला देकर ISIS और तालिबान के आतंकवादी पूरी दुनिया में मारकाट मचाये हैं. हालाँकि इन्होने ये नहीं बताया कि वेदों तथा अन्य हिन्दू धर्म ग्रंथों में गाय तथा एनी जानवरों के मांस खाए जाने का स्पष्ट प्रमाण है. क्योंकि ये केवल उतनी ही बात बताएँगे जिससे कि धार्मिक भावनाओं का ध्रुवीकरण कर और लोगों को भड़काकर वोट बटोरे जा सकें!

हिन्दुओं, मैं आपसे पूछना चाहता हूँ कि क्या भाजपा और उसकी मूल संस्था आरएसएस जिसके दरबार में प्रधानमंत्री आज भी हाजिरी लगाते हैं, को आपने इसलिए इस देश की बागडोर सौंप दी है कि इस देश को अब धार्मिक किताबों के कानून से चलाया जाए? क्या आप ये चाहते हैं कि भारत भी वैसा ही हो जाए जैसा कि इस्लामिक अतिवादियों ने 1400 साल पुराने धार्मिक कानून लागू करके ईराक और सीरिया को बना दिया?

इसके बाद ये कहेंगे कि वेदों में लिखा है कि आदमी के मरने के बाद उसकी पत्नी को सती हो जाना चाहिए! और सच में वेदों में यह लिखा है तभी 200 साल पहले तक आदमी के मरने पर उसकी पत्नी को जबरदस्ती लाश के साथ चिता में बाँध कर उसकी हत्या कर दी जाती थी. अब अगर धार्मिक किताबों के हिसाब से चलना है तब तो ये भी आपको स्वीकार करना पड़ेगा! इसके अलावा 5 साल की बच्चियों के साथ सेक्स, पिता-पुत्री के बीच सेक्स, अपहरण और बलात्कार भी ईश्वर तथा देवताओं के द्वारा धर्मग्रंथों में वर्णित है.

शूद्रों और महिलाओं के साथ क्या व्यवहार करना चाहिए जरा यह भी पढ़ लीजियेगा अपने धर्मग्रंथों में! इस्लाम की तरह हिन्दू ग्रंथों में भी ईश निंदा के लिए कठोर हिंसक दंड के लिए लिखा है. रामचरित मानस तक में ईश निंदा करने वाले के लिए कहा है कि उसकी जीभ काट लेनी चाहिए! इस्लामिक अतिवादियों ने भी मजहब और उसकी किताबों का नाम लेकर ही आतंक का साम्राज्य शुरू किया था और यहाँ भी अब धर्म का नाम लेकर शुरुआत हो चुकी है और ये लोग सत्ता में भी हैं.

फिर जैसे आज बहुत से इस्लाम के अनुयायी कहते हैं कि ये असली इस्लाम नहीं है वैसे ही हिन्दू कहेंगे कि ये असली हिन्दू धर्म नहीं है! जबकि सत्यता यही है कि इस्लाम की हों या हिन्दू धर्म की, ये सभी किताबें बर्बर युग की अमानवीय व्यवहारों और हिंसा से भरी पड़ी हैं! अभी भी देखिये दादरी के कितने दिनों बाद कितनी मुश्किल से और कितना दवाब पड़ने पर देश के मुखिया ने किन शब्दों में उसकी निंदा करी परन्तु फिर भी अपनी ही पार्टी भाजपा के सांसद जोकि खुले आम कह रहे हैं कि गौहत्या करने वालों की हम हत्या करेंगे या फिर मर जायेंगे, उनको रोकने के लिए प्रधानमंत्री ने कुछ नहीं कहा और वो लगातार ऐसे बयान दिए जा रहे हैं. क्या ऐसा नहीं लगता कि यह सब एक योजना के तहत हो रहा है!

इसी भाजपा के नेता दिल्ली में ढाई और पांच साल की बच्चियों से गैंग रेप होने पर कहते हैं कि ये छोटी मोटी घटनाएँ हैं! साथ ही यह भी देखिये कि कितने हिप्पोक्रेट हैं ये लोग कि खुद भाजपा नेता संगीत सोम मीट कंपनी के डायरेक्टर रहे और मोहन भगवत समेत संघ के कई नेता मांस खाते हैं परन्तु जब मांसाहारी होने की यह बात संघ के एक और पदाधिकारी ने खोल दी तो उसे दंड दिया गया! इसी सरकार में हमारा देश बीफ के एक्सपोर्ट में दुनिया में नंबर 1 बन गया! हिन्दुओं क्या आपको अब भी समझ नहीं आता कि आप ठगे गए इन लोगों के हाथों! चाहे आप उन 31% में से हों जिन्होंने इस सरकार के लिए वोट दिया था या फिर अंधभक्त ही क्यों न हों, सच बताना क्या आप ऐसा ही भारत बनाना चाहते हो, जिस राह पर हमारे हुक्मरान इस देश को ले जा रहे हैं? जरा सोचिये, कहीं ऐसा न हो कि बहुत देर हो जाए!

वृंदावन में रहने वाले प्रगतिशील विचारों के स्वामी बालेंदु के फेसबुक वॉल से.