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दुख-सुख

वरिष्ठ पत्रकार सुरेन्द्र प्रताप सिंह और चंद्रशेखर कौशिक का निधन

लखनऊ के वरिष्ठ पत्रकार सुरेन्द्र प्रताप सिंह का लम्बी बीमारी के बाद निधन हो गया। वह करीब 55 साल के थे। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पत्रकार श्री सुरेन्द्र सिंह के निधन पर गहरा दुःख व्यक्त किया।  उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति की कामना करते हुए शोक संतप्त परिजनों के प्रति अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त की है। उधर, दैनिक भास्कर जयपुर के सीनियर रिपोर्टर चंद्रशेखर कौशिक का शुक्रवार रात असामयिक निधन हो गया। वे लंबे समय से अस्वस्थ थे। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने दैनिक भास्कर के सीनियर रिपोर्टर चंद्रशेखर कौशिक के असामयिक निधन पर शोक व्यक्त किया है। चंद्रशेखर कौशिक का अंतिम संस्कार शनिवार को हल्दीघाटी मार्ग स्थित मोक्षधाम में किया गया।

लखनऊ के वरिष्ठ पत्रकार सुरेन्द्र प्रताप सिंह का लम्बी बीमारी के बाद निधन हो गया। वह करीब 55 साल के थे। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पत्रकार श्री सुरेन्द्र सिंह के निधन पर गहरा दुःख व्यक्त किया।  उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति की कामना करते हुए शोक संतप्त परिजनों के प्रति अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त की है। उधर, दैनिक भास्कर जयपुर के सीनियर रिपोर्टर चंद्रशेखर कौशिक का शुक्रवार रात असामयिक निधन हो गया। वे लंबे समय से अस्वस्थ थे। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने दैनिक भास्कर के सीनियर रिपोर्टर चंद्रशेखर कौशिक के असामयिक निधन पर शोक व्यक्त किया है। चंद्रशेखर कौशिक का अंतिम संस्कार शनिवार को हल्दीघाटी मार्ग स्थित मोक्षधाम में किया गया।

पत्रकार आशीष महर्षि ने चंद्रशेखर को यूं याद किया-

”एक दोस्त को खोने का गम क्या होता है, यह आज पता चल रहा है। दिवाली के दूसरे दिन की बात है। कुछ खास दोस्तों को फोन लगाने के क्रम में जयपुर के अपने दोस्त चंद्रशेखर कौशिक जी को भी फोन लगाया। आवाज में एक अजीब सा दर्द था उनके। बातचीत में पता चला कि वे अस्पताल में भर्ती हैं। यह मेरे लिए झटका देने वाली खबर थी। लेकिन कल रात इससे भी बुरी खबर मिली। चंद्रशेखर जी अब हमारे बीच नहीं रहे। आख‍िर हमारे आसपास के लोग हमें छोड़कर इतनी जल्दी क्यों चले जाते हैं। चंद्रशेखर जी मैं आपसे बहुत नाराज हूं। सोचा था कि जयपुर आऊंगा तो आपसे मिलकर जयपुर के किसी बड़े मंदिर चलूंगा। जयपुर के मंदिरों पर हम बात करेंगे। लेकिन अब यह हो नहीं पाएगा। आपने जयपुर के कई ऐसे मंदिरों से मुझे रूबरू कराया था, जिसके बारे में जयपुर के लोगों को ही बहुत कम पता है। मुझे याद है जब मैं जयपुर में था तो आपके साथ ही सबसे ज्यादा सहज था। मुझे पता था कि आप रिश्तों को लेकर ईमानदार हैं। जैसे सामने हैं, वैसे ही पीछे भी थे। इसलिए आपसे एक खास रिश्ता जुड़ा गया था।”

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