कहीं नक्‍सलियों के निशाने पर तो नहीं है चम्‍बल घाटी?

सुरेश मिश्रनक्सलियों ने अब अपना जाल सेन्ट्रल यूपी में भी फैलाना शुरू कर दिया है. खबर है कि यूपी के औरैया से जहां आज पुलिस ने 9 पिस्टलों और 5 मैगजीनों के साथ 2 खूंखार अपराधियों को पकड़कर इस बात का खुलासा किया है.  मध्य प्रदेश और बिहार से भारी मात्रा में खतरनाक हथियार खरीद कर उत्तर प्रदेश और झारखण्ड के कई हिस्सों में सप्लाई करने वाले पकडे़ गए इन अपराधियों के सम्बन्ध नक्सलियों से भी हैं. पुलिस की पूछताछ में इस बात का खुलासा हुआ है कि पकडे़ गए ये दोनों अपराधी पिछले कई वर्षों से नक्सलियों के संपर्क में हैं और उनको खतरनाक असलहे सप्लाई किया करते थे और इन्हीं असलहों के द्वारा नक्सली बेगुनाहों के खून की होली खेलते हैं.

नक्सलियों के कब्जे से बरामद पुलिस की मेज पर रखे इन विदेशी असलहों को देखकर हम पत्रकारों के भी होश उड़ गए. होते भी क्यों न, यह असलहे अमन और चैन की जिंदगी जीने वालों के होश उड़ने के लिए पर्याप्त हैं. हमने सोचा कि शायद पुलिस कि ताकत बढ़ाने के लिए उत्तर प्रदेश कि सरकार ने औरैया जिला पुलिस को यह असलहे भेजे हैं, लेकिन जिले के एसपी अब्दुल हमीद ने जैसे ही पत्रकारों के सामने दो व्यक्तियों को पेश करने के लिए अपने अधीनस्थों को हुक्म दिया, हमारी शंका दूर हो गयी. एक दुबला पतला तो दूसरा हट्टा-कट्टा. पत्रकारों के सामने आये इन दोनों व्यक्तियों के चेहरों पर पुलिस का डर दूर-दूर तक नजर नहीं आ रहा था. बड़ी कामयाबी मिलने से गदगद औरैया के एसपी अब्दुल हमीद ने हमारी शंकाओं को दूर करते हुए बताया कि यह पुलिस की ताकत बढ़ाने के लिए नहीं बल्कि पुलिस से दो-दो हाथ करने वाले उन अपराधियों के पास से बरामद किये गए हैं, जिनके तार बेगुनाहों के खून के प्यासे नक्सलियों से जुड़े हुए हैं. इन्हीं असलहों के दम पर नक्सली पिछले कई दशक से कई प्रदेशों और देश की सरकार की नीद हराम किये हुए हैं.

मध्य प्रदेश, बिहार और झारखंड में अपना नेटवर्क फैला चुके औरैया पुलिस द्वारा पकडे गए सईद खां उर्फ़ नम्बरदार निवासी महोबा और शिव प्रताप उर्फ़ शिवा निवासी झाँसी ने बड़ी तेजी से सेन्ट्रल यूपी के कानपुर, महोबा, बांदा हमीरपुर, झांसी में भी अपना जाल फैला लिया था. यह अपराधी अपना अगला अड्डा औरैया में खोज रहे थे, लेकिन यहाँ उनकी योजना कामयाब नहीं हो पाई. जिले में ठिकाने की तलाश में लगे इन अपराधियों की खबर पुलिस को लग गयी.  एसपी औरैया अब्दुल हमीद ने इन्हें किसी भी कीमत पर गिरफ्तार करने के लिए जिले के एसओजी और इलाकाई पुलिस को लगा कर स्वयं सर्विलांस पर इनकी पल पल की लोकेशन लेते रहे. आख़िरकार चम्बल घाटी में बड़े डाकुओं को धूल चटा चुके जिले के तेज तर्रार दरोगा राजेंद्र नागर और अछल्दा थानाध्‍यक्ष मुस्लिम खां ने अपनी टीम के साथ बेगुनाहों की जान के सौदागरों को अछल्दा रेलवे स्टेशन के पास मुठभेड़ के बाद दबोच लिया.

पकडे़ गए दोनों शातिरों ने बताया कि उनके पास से बरामद हुयी यह सभी पिस्तौलें अमेरिका की बनी हुयी हैं, लेकिन इन्हें वह मध्य प्रदेश के बुड़हानपुर जिले से खरीदते हैं और बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश के कई इलाकों के साथ-साथ नक्सलियों को सप्लाई किया करते हैं. उनकी अगली योजना पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पैर जमाने की थी और इसकी शुरुआत औरैया से करने जा रहे थे, लेकिन औरैया पुलिस ने उनकी योजना कामयाब नहीं होने दी.  अब आपको बता दें कि पिछले साल लखनऊ की एसटीऍफ़ ने अवैध असलहा सप्लाई गैंग को दबोचा था, लेकिन औरैया में पकडे़ गए ये दोनों नक्सलियों के मददगार उस समय एसटीएफ़ को गच्चा देकर फरार हो गए थे. इन अपराधियों की गिरफ्तारी और उनसे हुए खुलासे के बाद से जिले की पुलिस के होश उड़ गए हैं. पुलिस को डर है कि पिछले 5  वर्षों से चैन की सांस ले रही चम्बल घाटी को नक्सली कहीं अपना अड्डा न बना लें, लिहाजा पुलिस ने चम्बल के बीहड़ों में गश्‍त भी तेज कर दिया है.

लेखक सुरेश मिश्रा औरैया में इंडिया न्‍यूज के संवाददाता हैं.

अपने मोबाइल पर भड़ास की खबरें पाएं. इसके लिए Telegram एप्प इंस्टाल कर यहां क्लिक करें : https://t.me/BhadasMedia

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *