• BJP यूपी में 17 अति-पिछड़ी जातियों को अनुसूचित जातियों की सूची में क्यों शामिल करा रही?

    Category: तेरा-मेरा कोना

    लखनऊ : ''भाजपा का उत्तर प्रदेश की 17 अति-पिछड़ी जातियों को अनुसूचित-जातियों की सूची में शामिल कराने का प्रयास असंवैधानिक है''... यह बात एस आर दारापुरी, पूर्व पुलिस महानिरीक्षक एवं संयोजक, जन मंच उत्तर प्रदेश ने प्रेस को जारी ब्यान में कही है. उन्होंने कहा है कि आज एक समाचार पत्र के माध्यम से ज्ञात हुआ है कि उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार ने उत्तर प्रदेश की 17 अति पिछड़ी जातियां जिनमें निषाद, बिन्द, मल्लाह, क

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  • नए रूप में महुआ प्लस, अब मिलेगा और ज़्यादा मनोरंजन

    Category: संगीत-सिनेमा

    काफी कम समय में देश विदेश के भोजपुरिया दर्शकों के दिलों में अपनी जगह बनाने मे कामयाब रहा महुआ प्लस अब दर्शकों को एक नए कलेवर और नये रंग रूप में नज़र आएगा। महुआ प्लस पहले से ही अपने एक से बढ़कर एक  बेहतरीन रिएलिटी शोज के लिए दर्शकों के बीच काफी प्रसिद्द है जिसके वजह से यह चैनल दर्शकों के बीच पहली पसंद के साथ हमेशा सुर्खियों मे रहा है। भौजी नं वन, सुरवीर जैसे रिएलिटी शोज, नए भोजपुरी फिल्म, हिंदी - भोजपुरी फ़िल्मी गाने , भक्ति भजन आरती जैसे उम्दा कार्यक्रम को दर्शकों ने हमेशा अपना प्यार दिया है।

    अब एक बार फिर महुआ प्लस दर्शकों को ध्यान मे र

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  • सरकार के संरक्षण में युवा वाहिनी कर रही है ईसाइयों पर हमले!

    Category: समाज-सरोकार

    उत्तर प्रदेश की पुलिस हिन्दू वाहिनी की लठैत बन गयी है.... दलितों पर हमले करने वाले सवर्णों को पता है कि मुख्यमंत्री उनके समर्थक हैं...

    लखनऊ : रिहाई मंच में महाराजगंज में हिन्दू युवा वाहिनी के कार्यकर्ताओं द्वारा धर्मान्तरण का आरोप लगाकर जबरन चर्च में प्रार्थना रोकने पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि हिन्दू युवा वाहिनी के लोग अल्पसंख्यक समुदाय के मौलिक अधिकारों का हनन कर रहे है जिसको बर्दाश्त नही किया जायेगा. मंच ने राजधानी लखनऊ में दलित परिवार के ऊपर हमले और आगरा,प्रतापगढ़ और फिरोजाबाद में पुलिसकर्मियों की हत्या पर टिप्

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  • महाराष्ट्र की तरह उत्तर प्रदेश में भी पत्रकारों पर हमला गैर-जमानती हो : उपजा

    Category: मीडिया मंथन

    लखनऊ। महाराष्ट की तरह उत्तर प्रदेश में पत्रकारों और मीडिया संस्थानों पर हमला गैर जमानती अपराध हो। यह मांग उत्तर प्रदेश जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन (उपजा) ने प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से की है। उत्तर प्रदेश जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन (उपजा) के प्रान्तीय महामंत्री रमेश चन्द जैन और लखनऊ जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अरविन्द शुक्ला ने कहा कि उत्तर प्रदेश जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन व इसकी राष्ट्रीय इकाई नेशनल यूनियन आफ जर्नलिस्ट्स एनयूजे (आई) पिछले काफी समय से पत्रकार एवं पत्रकार संगठनों पर हो रहे हमलों से आहत होकर पत्रकार सुरक्षा क

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  • चचा शिवपाल ने तलाशा अलग रास्ता!

    Category: राजनीति-सरकार

    अजय कुमार, लखनऊ
    आखिरकार समाजवादी कुनबा बिखर ही गया। इसका दुख नेताजी मुलायम से अधिक शायद ही किसी और को हो। समाजवादी पार्टी को मुलायम ने अपने खून-पसीने से खड़ा किया था। अनु शिवपाल यादव उनके साथ ‘हनुमान’ की तरह डटे रहे तो मुलायम की राह आसान हो गई। मुलायम की मेहनत के बल पर समाजवादी पार्टी ने न केवल उत्तर प्रदेश में अपनी पहचान बनाई बल्कि राष्ट्रीय राजनीति में भी सपा का झंडा हमेशा बुलंद रहा। यूपी में सपा को तीन बार सत्ता हासिल हुई इतनी ही बार मुलायम सिंह यूपी के सीएम भी बने।(पहली बार मुलायम जनता दल से सीएम बने थे और बाकी दो बार समाजव

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  • केजरीवाल पर आरोप : सच की सभावनाएं

    Category: मेरी भी सुनो

    कविवर रहीम का कथन है - ''रहिमन अँसुआ नैन ढरि, जिय दुख प्रकट करेइ। जाहि निकासौ गेह ते, कस न भेद कहि देइ।।''  अर्थात् जिस प्रकार आँसू नयन से बाहर आते ही हृदय की व्यथा को व्यक्त कर देता है उसी प्रकार जिस व्यक्ति को घर से निकाला जाता है, वह घर के भेद बाहर उगल देता है। कुछ ऐसी ही आँसू जैसी स्थिति श्री कपिल मिश्रा की भी है जिन्होंने ‘आप’ के मंत्रिमंडल से बाहर होते ही दो करोड़ की मनोव्यथा जग जाहिर कर दी। रहीमदास के उपर्युक्त दोहे से इस प्रश्न का उत्तर भी मिल जाता है कि श्री कपिल मिश्रा ने दो करोड़ का रहस्य पहले क्यों नहीं प्रकट किया ? आँसू जब तक नेत्र स

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  • गाय से प्रेम, हूरों के सपने और सुसाइड बॉम्बर

    Category: विदेश-ब्रह्मांड

    Tabish Siddiqui : कामसूत्र भारत में लगभग 300 BC में लिखी गयी.. उस समय ये किताब लिखी गयी थी प्रेम और कामवासना को समझने के लिए.. कामसूत्र में सिर्फ बीस प्रतिशत ही भाव भंगिमा कि बातें हैं बाक़ी अस्सी प्रतिशत शुद्ध प्रेम है.. प्रेम के स्वरुप का वर्णन है.. वात्सायन जानते थे कि बिना काम और प्रेम को समझे आत्मिक उंचाईयों को समझा ही नहीं जा सकता है कभी.. ये आज भी दुनिया में सबसे अधिक पढ़ी जाने वाली किताबों में से एक है

    भारत किसलिए अलग था अन्य देशों से? संभवतः इसीलिए.. क्यूंकि भारत जिस मानसिक खुलेपन की बात उस समय कर रहा था वो शायद ही किसी सभ्यता ने की थी.. मगर धीरे धी

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  • देश और प्रदेश में भाजपा की सरकार है और कश्मीर की आग बेकाबू है

    Category: देश-प्रदेश

    कश्मीर में जो कुछ हो रहा है उसे देखकर नहीं लगता कि आग जल्दी बुझेगी। राजनीतिक नेतृत्व की नाकामियों के बीच, सेना के भरोसे बैठे देश से आखिर आप क्या उम्मीद पाल सकते हैं? भारत के साथ रहने की ‘कीमत’ कश्मीर घाटी के नेताओं को चाहिए और मिल भी रही है, पर क्या वे पत्थर उठाए हाथों पर नैतिक नियंत्रण रखते हैं यह एक बड़ा सवाल है। भारतीय सुरक्षाबलों के बंदूक थामे हाथ सहमे से खड़े हैं और पत्थरबाज ज्यादा ताकतवर दिखने लगे हैं।

    यह वक्त ही है कि कश्मीर को ठीक कर देने और इतिहास की गलतियों के लिए कांग्रेस को दोषी ठहराने वाले आज सत्ता में हैं। प्रदेश और दे

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  • तो 'आधार आधारित पेमेंट' सिस्टम के कारण उंगलीमार डाकुओं की होगी वापसी!

    Category: बातों बातों में

    केंद्र की मोदी सरकार ने भीम एप शुरू कर दिया है| आधार पेमेंट का सिस्टम शुरू हो गया गया है| डिजिटल इंडिया का सपना जल्द ही साकार होगा| हमारा देश भी विकसित हो जाएगा| लेकिन इसी बीच एक और बात ख़ास होगी। वो ये कि अब चोरी और अपराध की वारदातों में कमी आएगी| साथ ही पुलिस को भी अब थोड़ी राहत मिलेगी| लेकिन शायद अब आफत गले पड़ने वाली है| क्यूंकि अब हर पेमेंट एक ऊँगली से हुआ करेगी। तो ऐसे में चोर या ऐसे आपराधिक गतिविधियों में शामिल लोग उँगलियाँ ही काटा करेंगे| फिर ऊँगली या अंगूठा ही उनकी तिजोरी की चाबी हुआ करेगी|

    शायद सुर्खियाँ भी यही बने- पेमेंट देते वक्

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BJP यूपी में 17 अति-पिछड़ी जातियों को अनुसूचित जातियों की सूची में क्यों शामिल करा रही?

Category: तेरा-मेरा कोना

लखनऊ : ''भाजपा का उत्तर प्रदेश की 17 अति-पिछड़ी जातियों को अनुसूचित-जातियों की सूची में शामिल कराने का प्रयास असंवैधानिक है''... यह बात एस आर दारापुरी, पूर्व पुलिस महानिरीक्षक एवं संयोजक, जन मंच उत्तर प्रदेश ने प्रेस को जारी ब्यान में कही है. उन्होंने कहा है कि आज एक समाचार पत्र के माध्यम से ज्ञात हुआ है कि उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार ने उत्तर प्रदेश की 17 अति पिछड़ी जातियां जिनमें निषाद, बिन्द, मल्लाह, क

नए रूप में महुआ प्लस, अब मिलेगा और ज़्यादा मनोरंजन

Category: संगीत-सिनेमा

काफी कम समय में देश विदेश के भोजपुरिया दर्शकों के दिलों में अपनी जगह बनाने मे कामयाब रहा महुआ प्लस अब दर्शकों को एक नए कलेवर और नये रंग रूप में नज़र आएगा। महुआ प्लस पहले से ही अपने एक से बढ़कर एक  बेहतरीन रिएलिटी शोज के लिए दर्शकों के बीच काफी प्रसिद्द है जिसके वजह से यह चैनल दर्शकों के बीच पहली पसंद के साथ हमेशा सुर्खियों मे रहा है। भौजी नं वन, सुरवीर जैसे रिएलिटी शोज, नए भोजपुरी फिल्म, हिंदी - भोजपुरी फ़िल्मी गाने , भक्ति भजन आरती जैसे उम्दा कार्यक्रम को दर्शकों ने हमेशा अपना प्यार दिया है।

अब एक बार फिर महुआ प्लस दर्शकों को ध्यान मे र

सरकार के संरक्षण में युवा वाहिनी कर रही है ईसाइयों पर हमले!

Category: समाज-सरोकार

उत्तर प्रदेश की पुलिस हिन्दू वाहिनी की लठैत बन गयी है.... दलितों पर हमले करने वाले सवर्णों को पता है कि मुख्यमंत्री उनके समर्थक हैं...

लखनऊ : रिहाई मंच में महाराजगंज में हिन्दू युवा वाहिनी के कार्यकर्ताओं द्वारा धर्मान्तरण का आरोप लगाकर जबरन चर्च में प्रार्थना रोकने पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि हिन्दू युवा वाहिनी के लोग अल्पसंख्यक समुदाय के मौलिक अधिकारों का हनन कर रहे है जिसको बर्दाश्त नही किया जायेगा. मंच ने राजधानी लखनऊ में दलित परिवार के ऊपर हमले और आगरा,प्रतापगढ़ और फिरोजाबाद में पुलिसकर्मियों की हत्या पर टिप्

महाराष्ट्र की तरह उत्तर प्रदेश में भी पत्रकारों पर हमला गैर-जमानती हो : उपजा

Category: मीडिया मंथन

लखनऊ। महाराष्ट की तरह उत्तर प्रदेश में पत्रकारों और मीडिया संस्थानों पर हमला गैर जमानती अपराध हो। यह मांग उत्तर प्रदेश जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन (उपजा) ने प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से की है। उत्तर प्रदेश जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन (उपजा) के प्रान्तीय महामंत्री रमेश चन्द जैन और लखनऊ जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अरविन्द शुक्ला ने कहा कि उत्तर प्रदेश जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन व इसकी राष्ट्रीय इकाई नेशनल यूनियन आफ जर्नलिस्ट्स एनयूजे (आई) पिछले काफी समय से पत्रकार एवं पत्रकार संगठनों पर हो रहे हमलों से आहत होकर पत्रकार सुरक्षा क

चचा शिवपाल ने तलाशा अलग रास्ता!

Category: राजनीति-सरकार

अजय कुमार, लखनऊ
आखिरकार समाजवादी कुनबा बिखर ही गया। इसका दुख नेताजी मुलायम से अधिक शायद ही किसी और को हो। समाजवादी पार्टी को मुलायम ने अपने खून-पसीने से खड़ा किया था। अनु शिवपाल यादव उनके साथ ‘हनुमान’ की तरह डटे रहे तो मुलायम की राह आसान हो गई। मुलायम की मेहनत के बल पर समाजवादी पार्टी ने न केवल उत्तर प्रदेश में अपनी पहचान बनाई बल्कि राष्ट्रीय राजनीति में भी सपा का झंडा हमेशा बुलंद रहा। यूपी में सपा को तीन बार सत्ता हासिल हुई इतनी ही बार मुलायम सिंह यूपी के सीएम भी बने।(पहली बार मुलायम जनता दल से सीएम बने थे और बाकी दो बार समाजव

केजरीवाल पर आरोप : सच की सभावनाएं

Category: मेरी भी सुनो

कविवर रहीम का कथन है - ''रहिमन अँसुआ नैन ढरि, जिय दुख प्रकट करेइ। जाहि निकासौ गेह ते, कस न भेद कहि देइ।।''  अर्थात् जिस प्रकार आँसू नयन से बाहर आते ही हृदय की व्यथा को व्यक्त कर देता है उसी प्रकार जिस व्यक्ति को घर से निकाला जाता है, वह घर के भेद बाहर उगल देता है। कुछ ऐसी ही आँसू जैसी स्थिति श्री कपिल मिश्रा की भी है जिन्होंने ‘आप’ के मंत्रिमंडल से बाहर होते ही दो करोड़ की मनोव्यथा जग जाहिर कर दी। रहीमदास के उपर्युक्त दोहे से इस प्रश्न का उत्तर भी मिल जाता है कि श्री कपिल मिश्रा ने दो करोड़ का रहस्य पहले क्यों नहीं प्रकट किया ? आँसू जब तक नेत्र स

गाय से प्रेम, हूरों के सपने और सुसाइड बॉम्बर

Category: विदेश-ब्रह्मांड

Tabish Siddiqui : कामसूत्र भारत में लगभग 300 BC में लिखी गयी.. उस समय ये किताब लिखी गयी थी प्रेम और कामवासना को समझने के लिए.. कामसूत्र में सिर्फ बीस प्रतिशत ही भाव भंगिमा कि बातें हैं बाक़ी अस्सी प्रतिशत शुद्ध प्रेम है.. प्रेम के स्वरुप का वर्णन है.. वात्सायन जानते थे कि बिना काम और प्रेम को समझे आत्मिक उंचाईयों को समझा ही नहीं जा सकता है कभी.. ये आज भी दुनिया में सबसे अधिक पढ़ी जाने वाली किताबों में से एक है

भारत किसलिए अलग था अन्य देशों से? संभवतः इसीलिए.. क्यूंकि भारत जिस मानसिक खुलेपन की बात उस समय कर रहा था वो शायद ही किसी सभ्यता ने की थी.. मगर धीरे धी

देश और प्रदेश में भाजपा की सरकार है और कश्मीर की आग बेकाबू है

Category: देश-प्रदेश

कश्मीर में जो कुछ हो रहा है उसे देखकर नहीं लगता कि आग जल्दी बुझेगी। राजनीतिक नेतृत्व की नाकामियों के बीच, सेना के भरोसे बैठे देश से आखिर आप क्या उम्मीद पाल सकते हैं? भारत के साथ रहने की ‘कीमत’ कश्मीर घाटी के नेताओं को चाहिए और मिल भी रही है, पर क्या वे पत्थर उठाए हाथों पर नैतिक नियंत्रण रखते हैं यह एक बड़ा सवाल है। भारतीय सुरक्षाबलों के बंदूक थामे हाथ सहमे से खड़े हैं और पत्थरबाज ज्यादा ताकतवर दिखने लगे हैं।

यह वक्त ही है कि कश्मीर को ठीक कर देने और इतिहास की गलतियों के लिए कांग्रेस को दोषी ठहराने वाले आज सत्ता में हैं। प्रदेश और दे

तो 'आधार आधारित पेमेंट' सिस्टम के कारण उंगलीमार डाकुओं की होगी वापसी!

Category: बातों बातों में

केंद्र की मोदी सरकार ने भीम एप शुरू कर दिया है| आधार पेमेंट का सिस्टम शुरू हो गया गया है| डिजिटल इंडिया का सपना जल्द ही साकार होगा| हमारा देश भी विकसित हो जाएगा| लेकिन इसी बीच एक और बात ख़ास होगी। वो ये कि अब चोरी और अपराध की वारदातों में कमी आएगी| साथ ही पुलिस को भी अब थोड़ी राहत मिलेगी| लेकिन शायद अब आफत गले पड़ने वाली है| क्यूंकि अब हर पेमेंट एक ऊँगली से हुआ करेगी। तो ऐसे में चोर या ऐसे आपराधिक गतिविधियों में शामिल लोग उँगलियाँ ही काटा करेंगे| फिर ऊँगली या अंगूठा ही उनकी तिजोरी की चाबी हुआ करेगी|

शायद सुर्खियाँ भी यही बने- पेमेंट देते वक्