पहली जनवरी को अब नये साल के जश्न के रुप में मनाया जाता है। एक-दूसरे की देखा देखी यह जश्न मनाने वाले शायद ही जानते हों कि दुनिया भर में पूरे 70 नववर्ष मनाए जाते हैं। दिलचस्प बात यह है कि आज भी पूरी दुनिया कैलेण्डर प्रणाली पर एकमत नहीं हैं। इक्कीसवीं शताब्दी के वैज्ञानिक युग में इंसान अन्तरिक्ष में जा पहुंचा है, मगर कहीं सूर्य पर आधारित, कहीं चन्द्रमा पर आधारित तो कहीं सूर्य, चन्द्रमा और तारों की चाल पर धार्मिक मान्यताओं के अनुसार दुनिया में विभिन्न कैलेण्डर प्रणालियां लागू हैं। यही वजह है कि अकेले भारत में पूरे साल तीस अलग-अलग नव वर्ष मनाए जाते हैं। दुनिया में सर्वाधिक प्रचलित कैलेण्डर ‘ग्रेगेरियन कैलेण्डर’ है। जिसे पोप ग्रेगरी तेरह ने 24 फरवरी 1582 को लागू किया था। यह कैलेण्डर 15 अक्टूबर 1582 में शुरू हुआ। इसमें अनेक त्रुटियां होने के बावजूद भी कई प्राचीन कैलेण्डरों को दुनिया के विभिन्न हिस्सों में आज भी मान्यता मिली हुई हैं।
पहली जनवरी अर्थात नया वर्ष का पहला दिन आस्ट्रेलिया, कनाडा, युनाइटेड किंगडम, यूएसए और भारत में नव वर्ष है। यह दिन जापानी नव वर्ष ‘गनतन-साईं’ या ‘ओषोगत्सू’ के नाम से भी जाना जाता है। मिश्र (शेखमत) का नववर्ष, महायाना बौद्विज्म 07 जनवरी, प्राचीन स्कॉटिस में नववर्ष 11 जनवरी, वेल्स के इवान वैली में नव वर्ष 12 जनवरी, सोवियत रूस के रुढि़वादी चर्चों, अरमेनिया और रोम में नववर्ष 14 जनवरी को होता है। वहीं सेल्टिक, कोरिया, वियतनाम, तिब्बत, लेबनान और चीन में 4708वॉ वर्ष 21 जनवरी 2011 को प्रारंभ हुआ। प्राचीन आयरिश में नववर्ष 01 फरवरी 2011 को मनाया गया तो प्राचीन रोम और वेनिश में 01 मार्च 2011 को नया वर्ष होगा। भारत में नानक शाही कैलेण्डर का 543वां वर्ष 14 मार्च से शुरू होगा। इरान (परसिया), प्राचीन रूस तथा भारत में ज्योतिष वर्ष, बहाई (बाहा धर्म) का 167वां, तेलगू तथा जमशेदी (जोरोस्ट्रियन) का नया वर्ष 21 मार्च 2011 से शुरू होगा। इसी दिन भारतीयों का अधिकारिक कैलेण्डर ‘साका’का 1933वां वर्ष, शक संवत, बिक्रम संवत का 2068वां वर्ष भी शुरू होगा। प्राचीन ब्रिटेन में नव वर्ष 25 मार्च को प्रारंभ होगा।
प्राचीन फ्रेंच के लोग फ्रांस में एक अप्रैल से अपना नया साल शुरू करते हैं। यह दिन अप्रैल फूल के रुप में भी जाना जाता है। थाईलैंड, वर्मा, श्रीलंका, कम्बोडिया और लाओ के बेरादिन 07 अप्रैल को बौद्ध नववर्ष मनायेंगे। वहीं कश्मीर के लोग 10 अप्रैल 2011 को नया साल मनायेंगे। दक्षिण-पूर्व एशिया के देशों के साथ भारत में वैशाखी, बंगलादेश, श्रीलंका, थाईलैंड व कम्बोडिया के छनम में, नेपाली कैलेण्डर का 2068वां वर्ष, बंगाल का 1418वां वर्ष तथा सिंहला तमिल इलाके में नया वर्ष 14 अप्रैल को मनायेंगे। इसी दिन श्रीलंका राष्ट्रीय नव वर्ष मनाया जाता है। सिखों का नया साल भी 14 अप्रैल को होगा। बौद्ध धर्म के अनुयायी बुद्ध पूर्णिमा के दिन 17 अप्रैल को नया साल मनाते हैं। असम में नववर्ष 15 अप्रैल को, पारसी अपना नववर्ष 22 अप्रैल को, तो बेबीलोनियनों का 2759वां वर्ष 24 अप्रैल 2011 को शुरू होगा। प्राचीन ग्रीक में नव वर्ष 21 जून को होगा। इसी दिन बोलिविया कैलेण्डर का 5019वां वर्ष शुरू होगा। म्यूनिख के लोगों का नया साल 29 जून को होगा। अमेरिका में नव वर्ष 01 जुलाई 2011 को, तो 09 जुलाई 2011 को अरमेनियन कैलेण्डर का 559वां वर्ष शुरू होगा। जबकि म्यांनमार में नया साल 21 जुलाई 2011 को है।
केरल में मलयालम नव वर्ष 01 अगस्त को, जोरोस्ट्रियन कैलेण्डर का शेनशाई नव वर्ष 23 अगस्त को तथा मिश्र के एलेक्जेंड्रियन नव वर्ष 30 अगस्त को मनायेंगे। रूस के कुछ रूढि़वादी गिरजाघरों तथा मैकेडोनियन में नया वर्ष 01 सितम्बर को मनेगा। 10 सितम्बर को अफ्रीकन नव वर्ष, इथोपियन कैलेण्डर का 2004वां वर्ष 11सितम्बर को तथा बिजनटाइन का 7520वां और ग्रेशियन का 2323वां वर्ष 14सितम्बर को शुरू होगा। जैविश और फ्रेंच का नया साल 16 सितम्बर को मनता है। अक्टूबर में मलय नव वर्ष 01 को, मोरक्कन नव वर्ष 03 को, नेपाली संवत का 1132वां वर्ष 18अक्टूबर को, मारवाडी 26अक्टूबर को तो गुजरात में नव वर्ष 27 अक्टूबर तथा ड्रियूइड में नव वर्ष 31 अक्टूबर 2011 को मनेगा। 01 नवम्बर को कनाडा में नया साल होता है। इस्लामिक नव वर्ष मुहर्रम 1433 हिजरी 27 नवम्बर 2011 को शुरू होगा। भारत के सिक्किम में नया साल और किसानों का नया साल 03 दिसम्बर को होगा। आयरिश में नया साल 21 दिसम्बर को तो इटली के पाल राज्य में क्रिसमस नव वर्ष 25 दिसम्बर को मनता है।
लेखक मोहम्मद तसलिम उल हक पत्रकार हैं.

