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गरिमा को न्‍याय दिलाने में चंडीगढ़ के पत्रकार मदद करें

नूतन ठाकुरपंजाब कैडर की एक वरिष्ठ आईएएस अफसर सुजाता दास के बारे में गुरूवार की शाम को चंडीगढ़ के सेक्टर 38 के मार्केट में खरीदारी करने जाने पर वहाँ  तीन-वर्षीय एक लड़की गरिमा की उनके द्वारा की गयी निर्मम पिटाई का मामला हम सभी लोगों ने पढ़ा और सुना. यह भी जानकारी में बात आई है कि नर्सरी में पढ़ने वाली लड़की की इतनी सी गलती है कि वह स्कूल से आते समय जिस ऑटोरिक्शा पर बैठी थी, उसके ड्राइवर के हटने पर उसने कुछ खिलवाड़ शुरू कर दिया और इसी प्रक्रिया में ऑटोरिक्शा अचानक आगे चलने लगा. ऑटो के सीधे जा कर इस आईएएस अफसर सुजाता दास के होंडा सिटी को धक्का दे दिया. और इसमें होंडा सिटी गाड़ी को मामूली सा नुकसान हो गया.

नूतन ठाकुरपंजाब कैडर की एक वरिष्ठ आईएएस अफसर सुजाता दास के बारे में गुरूवार की शाम को चंडीगढ़ के सेक्टर 38 के मार्केट में खरीदारी करने जाने पर वहाँ  तीन-वर्षीय एक लड़की गरिमा की उनके द्वारा की गयी निर्मम पिटाई का मामला हम सभी लोगों ने पढ़ा और सुना. यह भी जानकारी में बात आई है कि नर्सरी में पढ़ने वाली लड़की की इतनी सी गलती है कि वह स्कूल से आते समय जिस ऑटोरिक्शा पर बैठी थी, उसके ड्राइवर के हटने पर उसने कुछ खिलवाड़ शुरू कर दिया और इसी प्रक्रिया में ऑटोरिक्शा अचानक आगे चलने लगा. ऑटो के सीधे जा कर इस आईएएस अफसर सुजाता दास के होंडा सिटी को धक्का दे दिया. और इसमें होंडा सिटी गाड़ी को मामूली सा नुकसान हो गया.

इतने भर में ही सुजाता दास नाराज हो गयीं और उन्होंने गरिमा की बुरी तरह से पिटाई की. लोगों के बीच-बचाव पर भी वह नहीं मानी और अपने आईएएस अफसर होने का रौब ग़ालिब करते हुए इन लोगों को भी अर्दब में ले लिया. कुछ अखबारों के अनुसार पुलिस जब वहां पहुंची तो सुजाता दास के एक फोन करते ही पुलिसवालों के भी कसबस ढीले पड़ गए. आनन फानन में मामले को रफा-दफा कर दिया गया, क्योंकि महिला आईएएस थी और प्रभावशाली थी. लड़की के पिता जूनियर अफसर ठहरे, उनकी क्या बिसात थी कि सुजाता दास के सामने खड़े हो सके. थाने के इंचार्ज के सामने पता नहीं जो भी हुआ, पर दोनों पक्षों में सुलह-सपाटे की बात घोषित कर दी गयी और सुजाता दास इठलाती, बलखाती थाने से निकल कर अपने मद में चूर वहां से निकल कर चल दी. इस तरह पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक़ अब यह मामला समाप्त हो गया है और इस मामले में कोई आगे की कारईवाई की जरूरत नहीं है.

लेकिन हम जैसे सभी लोग, जो सामजिक मुद्दों से सरोकार रखते हैं, इस बात से किसी तरह सहमत होते नहीं दिखते. हमारा यह दृढ मत है कि ऐसे मामलों में यदि स्वयं लड़की के पिता ने, किन्हीं भी बाहरी कारणों या दवाब के वशीभूत होकर, तात्कालिक रूप से पुलिसवालों की बात मान ली है, तो भी इस मामले में ऐसी आईएएस अफसर के खिलाफ अवश्य ही समुचित कार्यवाही होनी चाहिए. यह कार्यवाही राष्ट्रीय बाल आयोग तथा राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के स्तर पर हो अथवा इस महिला आईएएस अफसर के नियंता विभाग की ओर से कोई दंडात्मक कार्रवाई हो, पर ऐसा नहीं होना चाहिए कि एक बड़े पद पर बैठी महिला मात्र इसलिए क़ानून के ऊपर मान ली जाए क्योंकि वह फलां पद पर है. अब समय आ गया है कि हम सभी लोग इस तरह की घटनाओं का अपने-अपने स्तर पर, अपनी-अपनी हैसियत भर पुरजोर विरोध करें. ख़ास कर ऐसे प्रभावशाली लोगों द्वारा की गयी घटनाओं के बारे में तो विशेष जिम्मेदारी बनती है कि वे अपने कार्य और आचरण से ऐसी कोई स्थिति नहीं पैदा करें, जो किसी भी तरह से गलत और निंदनीय कही जाए.

हमारी संस्था आईआरडीएस ने भी इस मुद्दे को अपनी ओर से उठाया है और इस बारे में राष्ट्रीय बाल आयोग तथा राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को पत्र प्रेषित किया है. साथ ही हमने पंजाब के वरिष्ठ अधिकारियों को भी पत्र लिख कर इस बारे में निष्पक्ष जांच कराने और सुजाता दास के खिलाफ उचित कार्यवाही करने की मांग की है. हम मानते हैं कि यदि ऐसे सभी मामलों में हम मिल कर इस प्रकार के प्रभावशाली लोगों का विरोध करेंगे तो इसके बहुत ही अच्छे परिणाम हमें देखने को मिलेंगे.

मैं अपने इस प्रयास में भड़ास के चंडीगढ़ के पत्रकार साथियों की विशेष मदद चाहती हूँ कि वे इस सम्बन्ध में और अधिक सूचना देने तथा उस बच्ची गरिमा के पिता अथवा मौके के दूसरे ऐसे लोग, जो इस बारे में सच कहने को तैयार हों, से सम्बंधित सूचनाएँ हमें दे पाने में मेरी मदद करें. मेरा ईमेल [email protected] है जबकि मेरा फोन नंबर 94155-34525 है. यदि चंडीगढ़ के हमारे पत्रकार साथी इस कार्य में हम लोगों की मदद कर दें तो हमें बहुत अधिक ताकत मिल जायेगी और हम अपने इस कार्य को लक्ष्य तक पहुंचाने में जल्द से जल्द कामयाब हो सकेंगे. आप सभी मानते होंगे कि इस प्रकार का गन्दा और घृणित आचरण करने वाले को दण्डित होना ही चाहिए और इसके लिए हमें एक दूसरे से  हाथ मिलाना ही पड़ेगा.

डॉ नूतन ठाकुर

सचिव

आईआरडीएस, लखनऊ

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