क्या आपने अपने ई-मेल में ‘पहला पहला प्यार’ वाला पत्र संजो के रखा हें? या किसी के साथ फ्लर्टिंग किये हुए और लव-लेटर वाले ई-मेल संजो के रखे हैं.? तो, शायद आपकी मृत्यु के बाद ये सब गुप्त बातें आपकी पत्नी या परिवारजन जान जायेंगे. क्योंकि इंन्टरनेट वेब मेल सर्विस कंपनियां जैसे कि याहू, गूगल और हाटमेल अभी तक यह निश्चित नहीं कर सके हैं कि आपकी इन बॉक्स का मृत्यु बाद क्या किया जायेगा? वास्तव में ई-मेल सर्विस प्रयोक्ता गूगल और हाटमेल कंपनी सोच रही हैं कि यूजर की मृत्यु बाद उसके ई-मेल एकाउन्ट को उपयोगकर्ता यूजर के परिवारजनों को अथवा उसके वारिसदार को सौंप दी जाए.
यहाँ एक बात उल्लेखनीय है कि गूगल के जीमेल के किसी भी ई-मेल एकाउंट में 7जीबी अथवा अंदाजित 70, 000 ई-मेल स्टोर कर सकने की क्षमता है. आपकी मृत्यु के बाद ई-मेल एकाउन्ट को नष्ट करने की बात करें तो हॉटमेल द्वारा जिस एकाउन्ट का उपयोग 270 दिन या उससे अधिक समय तक न हुआ हो उस एकाउन्ट को डिलिट कर दिया जाएगा. जबकि जीमेल यूजर के वारिसदार या परिवारजनों को देने की सोच रहा है. जबकि इंटरनेट जगत की अन्य बड़ी वेबमेल कंपनी याहू द्वारा यूजर के मृत्यु के बाद वारिसदार या परिवारजनों को एकाउन्ट उपयोग करने देने से साफ इनकार किया गया है. याहू के प्रवक्ता ने कहा है कि अगर यूजर अपनी वसीयतनामें में ई-मूल एकाउन्ट के उपयोग या परम्परागत के लिए उल्लेख किया होगा तो उसके अनुसार उपयोग के लिए सौंपा जाएगा.
इस विषय में और अधिक चर्चा करें तो सोशल नेटवर्किंग नम्बर एक साइट फेसबुक द्वारा एक फीचर दिया गया है, जिसे ‘मेमोरियलाइजेशन’ कहते हैं. जिसमें मृतक के परिवारजन उस यूजर के प्रोफाइल पेज को आनलाइन वर्च्युअल श्रद्धांजलि’ के रूप में रख सकेंगे. जबकि दूसरी सोशल नेटवर्किंग साइट माई स्पेस द्वारा बताया गया है कि वारिसदार को मृतक यूजर के एकाउन्ट का उपयोग संजोने की जरूरत को ध्यान में रखकर फैसला किया जाएगा. परोक्ष रीत से माय स्पेस मृतक यूजर के संवेदनशील महत्व की चीजों को किसी अन्य के हाथ में सौंपने को तैयार नहीं है.
यह लेख ब्लाग तनिक से साभार लिया गया है.

