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यमुना में पानी नहीं, चैनलों ने ला दी बाढ़

न्‍यूज चैनल कितनी गलत सूचनाएं देते हैं और खबरें दिखाते हैं इसकी बानगी है हथिनी कुंड बैराज. पिछले दिनों टीवी चैनल दिखा रहे थे कि जल्‍द ही दिल्‍ली में यमुना से छोड़ा गया पानी दाखिल हो जाएगा और बाढ़ आ जाएगी. लोग डूबने लगेंगे. तमाम तरह की हवाई कल्‍पनाएं करने लगे थे. मैं भी खबर करने हरियाणा के हथिनीकुंड बैराज के पास स्थित जीरो ग्राउंड पर पहुंच गया. मुझे देखकर हैरानी हुई कि जैसा न्‍यूज चैनल चला रहे हैं वैसा वहां कुछ भी नहीं है. सब कुछ ठीक ठाक है. बाढ़ की कोई आशंका नहीं है. खबर देखकर और वास्‍तविक स्थिति देखकर मुझे काफी कोफ्त हुई चैनलों में मची अंधेरगर्दी पर, जो बिना सत्‍यता जांचे सबसे पहले खबर दिखाने के फेर में गलत सूचनाएं देकर लोगों को आतंकित करते रहते हैं.

बैराज

न्‍यूज चैनल कितनी गलत सूचनाएं देते हैं और खबरें दिखाते हैं इसकी बानगी है हथिनी कुंड बैराज. पिछले दिनों टीवी चैनल दिखा रहे थे कि जल्‍द ही दिल्‍ली में यमुना से छोड़ा गया पानी दाखिल हो जाएगा और बाढ़ आ जाएगी. लोग डूबने लगेंगे. तमाम तरह की हवाई कल्‍पनाएं करने लगे थे. मैं भी खबर करने हरियाणा के हथिनीकुंड बैराज के पास स्थित जीरो ग्राउंड पर पहुंच गया. मुझे देखकर हैरानी हुई कि जैसा न्‍यूज चैनल चला रहे हैं वैसा वहां कुछ भी नहीं है. सब कुछ ठीक ठाक है. बाढ़ की कोई आशंका नहीं है. खबर देखकर और वास्‍तविक स्थिति देखकर मुझे काफी कोफ्त हुई चैनलों में मची अंधेरगर्दी पर, जो बिना सत्‍यता जांचे सबसे पहले खबर दिखाने के फेर में गलत सूचनाएं देकर लोगों को आतंकित करते रहते हैं.

जब मैं हरियाणा में स्थिति हथिनीकुंड बैराज पहुंचा तो यहां यमुना का जल स्‍तर एक लाख क्‍यूसेक तक था, जबकि यहां तीन लाख क्‍यूसेक पानी को बैराजनार्मल स्थिति माना जाता है. इससे ज्‍यादा बढ़े तब उसे खतरनाक माना जाता है. पर एक लाख क्‍यूसेक पानी तो बिल्‍कुल नार्मल था, इस पानी को ना तो छोड़े जाने की जरूरत थी और ना ही इससे कहीं पर भी खतरा था. बाद में तो यह घटकर महज 26 हजार क्‍यूसेक हो गया था. इसके बावजूद टीवी चैनल वाले यहां से पानी छोड़े जाने तथा दिल्‍ली में बाढ़ आने की बात कह रहे थे. एकंर जोर जोर से चिल्‍ला रहे थे कि बस अब बाढ़ आई कि तब बाढ़ आई. अब आप भी समझ सकते हैं कि कैसे आम लोगों को बेवकूफ बनाते हैं टीवी न्‍यूज चैनल.

लेखक सोनू कुमार पत्रकारिता से जुड़े हुए हैं.

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