हिंदी भाषियों के विरोधी और मराठी नागरिकों के तथाकथित नेता राज ठाकरे गुजरात दौरे पर जा रहे हैं. इस दौरान गुजरात के विकास कार्यो पर चर्चा करेंगे और कई लोगों से मुलाकात करने वाले हैं. इस दौरान गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात भी करने वाले हैं. हम बताना चाहते हैं कि जब से राज ठाकरे ने शिवसेना छोड़ कर अपनी नयी पार्टी मनसे बनाई तभी से हिंदी भाषी लोगों का विरोध करना शुरू किया है. इस से पहले जब शिवसेना में थे तब भी हिंदी भाषी पत्रकारों द्वारा हिंदी में सवाल किए जाने पर जवाब मराठी में ही देते आ रहे हैं, जब कि उन्हें हिंदी बहुत अच्छी आती है.
इस के लिए मैं एक पत्रकार होने के नाते गुजरात के पत्रकारों से आह्वान करता हूं कि गुजरात दौरे के दौरान राज ठाकरे से सवाल जवाब हिंदी में ही करें. मैं बताना चाहूँगा कि हाल ही में मुंबई और नासिक के हिंदी भाषीय दुकानदारों, रिक्शा वालों, टैक्सी वालों और ठेले वालों को मार पीटकर उनका गाड़ी और ठेला तोड़ दिए गए. इस के साथ ही ठाणे में रेलवे का परीक्षा देने आए हिंदी भाषी युवाओं को मारा पीटा गया, इस दौरान कई युवकों के हाथ पैर भी टूटे थे. इस के साथ ही कल्याण में एक उत्तर भारतीय व्यक्ति को घर में से निकाल कर मारा पीटा गया था. इस में उस व्यक्ति कि मौत हो गयी थी.
लेखक नागमणि पांडेय मुंबई में हमारा महानगर के पत्रकार हैं.

