संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन की अध्यक्ष सोनिया गांधी को क्या बीमारी है? सवाल अहम है। इसलिए क्यों कि वह कांग्रेस नीत गठबंधन की अध्यक्ष है। साथ ही अहम यह भी है कि वह सात समंदर पार ज़ेरे इलाज क्यों है? दुनिया में दूसरी आर्थिक महाशक्ति बनने जा रहा मेरा भारत महान ऐशिया का मेडिकल हब भी है, फिर सोनिया जी को अमेरिका में इलाज की जरूरत क्यों महसूस हुई? कांग्रेस का तर्क है कि देश को लोगों को अपने इलाज में दुविधा न हो इसलिए सोनिया जी सात समंदर पार यानी अमेरिका में ज़ेरे इलाज है। क्या आम आदमी के गले कांग्रेस का यह तर्क आसानी से उतर जाएगा? इसमें संशय है। सोनिया जी विदेशी मूल की है। मुद्दा खत्म हुए अर्सा हो गया।
जिस भारत महान की आर्थिक उन्नति का राग अलापते कांग्रेस थक नहीं रही। क्या वह यह बताने की हिमाकत करेगी कि मेडिकल हब के होते हुए सोनिया जी को अमेरिका में इलाज की जरूरत क्यों महसूस हुई? वैसे सोनिया जी को हक है कि वह जहां चाहे आपना इलाज करा सकती है। पर उनके अमेरिका में ज़ेरे इलाज होने से हमारी मेडिकल हब का संदेश क्या जाएगा? इसका जवाब कौन देगा? कहीं यह तो नहीं कि सोनिया जी को हमारे देश के डाक्टरों पर भरोसा नहीं है? हां, मेरी बात कइयों को अटपटी या अजीब लग सकती है और मेरा इरादा किसी को ठेस पहंचाने का बिल्कुल नहीं है। पता नहीं क्यों मुझे यह प्रतीत हो रहा है।
खबरें यह भी हैं कि सेनिया जी अमेरिका के जिस अस्पताल में भर्ती हैं। वहां फाइव स्टार होटल वाली सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं। एक खबर यह भी है कि सोनिया जी बिना पर्ची के ही उस अस्पताल में ज़ेरे इलाज है। खैर, पर्ची का मुद्दा बड़ा है। सोनिया जी भारत की सुपर प्रधानमंत्री हैं। इतने बड़े औहदे पर बैठा व्यक्ति क्या किसी पर्ची का हकदार है अमेरिका यह बाखूबी जानता है। पर अमेरिका को उस समय क्या हो गया था जब जार्ज फर्नाडीस भारत के रक्षामंत्री थे। फर्नाडीस के अमेरिकी दौरे के दौरान उनकों नंगा कर उनकी तलाशी ली गई थी। सोनिया जी का इतना लिहाज और समाजवादी जार्ज के साथ बदसलूकी। फर्क तो है न। फर्क हो भी क्यों न। सोनिया जी का जन्म इटली में हुआ है और जार्ज साहिब भारत में जन्मे हैं। कहीं इसीलिए सोनिया जी अमेरिका में ज़ेरे इलाज तो नहीं है?
लेखक अर्जुन शर्मा टीवी पत्रकार हैं.

