प्रभाष जोशी जी के निधन पर देश के विभिन्न हिस्सों में श्रद्धांजलि सभाओं का तांता लग गया है। जगदलपुर में बस्तर जिला पत्रकार संघ के तत्वावधान में नयापारा स्थित पत्रकार भवन में 7 नवंबर को अपराह्न 4 बजे जिले भर के पत्रकारों ने दो मिनट का मौन रखकर पत्रकारिता के पुरोधा स्व. प्रभाष जोशी जी को अपनी श्रद्धांजलि दी। उनके निधन पर बस्तर के पत्रकारों का कहना था कि उन्होंने अपना एक शुभचिंतक और अभिभावक खो दिया है। प्रभाष जी के जाने से उनके स्थान की भरपाई आसान नहीं है। बैठक की अध्यक्षता जिला पत्रकार संघ अध्यक्ष एस करीमुद्दीन ने की। श्रध्दांजलि सभा में वरिष्ठ पत्रकार राजेंद्र बाजपेयी, लक्ष्मीनारायण मुदलियार, हेमंत कश्यप, धर्मेंद्र महापात्र, रजत बाजपेयी, श्यामल सिंह, अविनाश प्रसाद, योगेंद्र ठाकुर, बद्रीविशाल दास, तपन आदि मौजूद थे।
झांसी में श्रमजीवी प्रेस क्लब ने एक शोक सभा का आयोजन किया जिसमें प्रेस क्लब के सभी लोगों ने दो मिनट का मौन धारण कर हिन्दी पत्रकारिता के इस स्तंभ को श्रद्धांजलि दी. इस मौके पर कहा गया कि प्रभाष जी का जाना सिर्फ हिंदी पत्रकारिता का नुकसान नहीं है, बल्कि हिन्दी समाज और बुद्धिजगत की भी क्षति है। हिन्दी में उनके जैसे सर्वमान्य बुद्धिजीवी काफी कम हैं, जिन्हें सभी ध्यान से पढ़ते हों। “श्रमजीवी प्रेस क्लब” के महासचिव और बुंदेलखनलाइव डाट काम के ब्यूरो व आकाशवाणी/दूरदर्शन के संवाददाता विकास कुमार शर्मा ने कहा कि हिन्दी पत्रकारिता का एक स्तंभ ढह गया। जोशी जी ने हिन्दी पत्रकारिता को राष्ट्रीय स्तर तक उठाया और इसे गंभीर स्वरूप प्रदान करने में उनकी भूमिका अहम रही। निर्भीक पत्रकारिता के एक युग का सचमुच अवसान हो गया।
बुंदेलखंडलाइव डाट काम के शुधान्शु द्विवेदी ने प्रभाष जी के निधन पर कहा कि मालवी भाषा को पत्रकारिता में लाना उनका दूसरा सबसे बड़ा योगदान था। हिन्दी पत्रकारिता को राष्ट्रीय स्तर तक उठाया और इसे गंभीर स्वरूप प्रदान करने में उनकी भूमिका अहम रही। इस मौके पर राम सेवक (संपादक, स्वदेश), श्रमजीवी प्रेस क्लब के अध्यक्ष असद खान (न्यूज़ २४), उपाध्यक्ष मनीष श्रीवास्तव (इंडिया न्यूज़), हेमंत ठाकुर (राज एक्सप्रेस), डॉ.ऐ.के. कनोजिया (परख), मनोज आर्य (कैमरामैन, दूरदर्शन), विकास जायसवाल (महुआ न्यूज़), हेमंत साहू, तोशीव, पवन तूफान, मुकेश (स्वदेश), अनूप कुशवाह (आजाद न्यूज़) आदि उपस्थित रहे

