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बेटी ही हो, इसके लिए मन्नते मांगते हैं अरुणाचल के लोग

अरुणाचल के लोगों को चाइनीज़ बताकर अपमानित करने की बढ़ रही घटना पर घोर नाराजगी है यहाँ के लोगों में… 26 जनजातियां आपस में संवाद करने के लिए हिंदी भाषा का करती हैं प्रयोग… अरुणाचल के लोग जय हिन्द बोलकर करते हैं अभिवादन

ईटानगर : ‘स्वस्थ बालिका स्वस्थ समाज’ का सन्देश लेकर पहुचे स्वस्थ भारत यात्री दल का ईटानगर में नेशनल यूथ प्रोजेक्ट ने जोरदार तरीके से किया स्वागत. यात्री दल ने एनयूपी द्वारा चलाये जा रहे महिला उद्यमिता कार्यक्रम से जुडी महिलाओं से स्वास्थ्य चर्चा की. इस अवसर पर आशुतोष कुमार सिंह, प्रसून लतांत और एनयूपी के अध्यक्ष एच पी विश्वास ने अपनी बात रखी. अरुणाचल की महिलाओं की तारीफ करते हुए स्वस्थ भारत के चेयरमैन आशुतोष कुमार सिंह ने कहा कि यहाँ आकर मालूम चला कि यहाँ की महिलाएं कितनी सशक्त हैं…यहाँ पर बेटियां दहेज़ लेकर शादी करती हैं. बरात लेकर बेटियां शान से लड़के के घर जाती हैं. उनके जन्म होने पर खुशियाँ मनाई जाती हैं.

अरुणाचल के लोगों को चाइनीज़ बताकर अपमानित करने की बढ़ रही घटना पर घोर नाराजगी है यहाँ के लोगों में… 26 जनजातियां आपस में संवाद करने के लिए हिंदी भाषा का करती हैं प्रयोग… अरुणाचल के लोग जय हिन्द बोलकर करते हैं अभिवादन

ईटानगर : ‘स्वस्थ बालिका स्वस्थ समाज’ का सन्देश लेकर पहुचे स्वस्थ भारत यात्री दल का ईटानगर में नेशनल यूथ प्रोजेक्ट ने जोरदार तरीके से किया स्वागत. यात्री दल ने एनयूपी द्वारा चलाये जा रहे महिला उद्यमिता कार्यक्रम से जुडी महिलाओं से स्वास्थ्य चर्चा की. इस अवसर पर आशुतोष कुमार सिंह, प्रसून लतांत और एनयूपी के अध्यक्ष एच पी विश्वास ने अपनी बात रखी. अरुणाचल की महिलाओं की तारीफ करते हुए स्वस्थ भारत के चेयरमैन आशुतोष कुमार सिंह ने कहा कि यहाँ आकर मालूम चला कि यहाँ की महिलाएं कितनी सशक्त हैं…यहाँ पर बेटियां दहेज़ लेकर शादी करती हैं. बरात लेकर बेटियां शान से लड़के के घर जाती हैं. उनके जन्म होने पर खुशियाँ मनाई जाती हैं.

बेटी ही हो इसके लिए मन्नते मांगी जाती है. उन्होंने ख़ुशी जाहिर करते हुए कहा की अरुणाचल से जिस तरह उदित हो सूर्य पूरे देश को रौशनी देता है उसी तरह यहाँ की बालिकाएं भी पूरे देश के लिए महिला सशक्तिकरण का प्रेरणास्रोत बन सकती हैं. श्री आशुतोष ने  बताया की उन्हें उस समय बहुत हैरानी हुई जब यहाँ के जनजातीय लोगों को हिंदी में बात करते देखा. यहाँ की सभी जनजातियों की अपनी बोली है लेकिन एक दूसरे से बात करने के लिए कनेंक्टिंग भाषा के रूप में हिंदी का प्रयोग करते हैं…पूरे नार्थ ईस्ट में सबसे ज्यादा हिंदी बोलने वाले ईटानगर में मिले. यह एक अच्छा अनुभव था.

बातचीत के दौरान यहाँ की बालिकाओं ने दिल्ली में इस प्रदेश के लोगों के साथ हो रहे हिंसा के प्रति नाराजगी जताई. उनका कहना था की हमारे लड़कों को चायनीज बताकर अपमानित करना और उन्हें मारना -पीटना रुकना चाहिए. एक बालिका ने कहा कि हमलोग नॉन ट्राइब लोगों का इतना सम्मान करते हैं फिर वे लोग ऐसा क्यों करते हैं. उसने आगे जोड़ा की आपलोग दिल्ली से आये हो वहां जाकर बताओं की हमलोग भारतीय हैं , हम यहाँ अभिवादन में भी जय हिन्द बोलते हैं फिर हमारे साथ दिल्ली भेदभाव क्यों करता है?

इसके पूर्व एनवाईपी की महिलाओं ने अपने हाथों से बने शॉल ओढ़ाकर यात्री दल का स्वागत किया. इस अवसर पर विनोद रोहिला सहित दर्जनों समाजकर्मी उपस्थित थे.

गौरतलब है कि स्वस्थ भारत यात्रा भारत छोड़ो आंदोलन के 75वीं वर्षगांठ पर गांधी स्मृति एवं दर्शन समिति के मार्गदर्शन में स्वस्थ भारत (न्यास) द्वारा शुरू किया गया है। नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने इसे हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। इस यात्रा को गांधी स्मृति एंव दर्शन समिति, संवाद मीडिया, राजकमल प्रकाशन समूह, नेस्टिवा अस्पताल, मेडिकेयर अस्पताल, स्पंदन, जलधारा, हेल्प एंड होप फाउंडेशन, आर्यावर्त लाइव, सर्च फाउंडेशन आइडिया क्रैकर्स, वर्ल्ड टीवी न्यूज, पंचायत खबर सहित अन्य कई संस्थानों का समर्थन है।

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