Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

तेरा-मेरा कोना

‘भड़ास4मीडिया विचार’ में आपका स्वागत है

[caption id="attachment_2281" align="alignleft"]यशवंतयशवंत[/caption]नए नए प्रयोग करना हम हिंदी वालों की ताकत भी है और मजबूरी भी. ताकत इसलिए क्योंकि इन्हीं उटपटांग पर सार्थक प्रयोगों के बल पर हिंदी और हिंदी वाले आगे बढ़ रहे हैं और बढ़ेंगे. मजबूरी इसलिए कि अपने लोगों के बाप-दादा चांदी के चम्मच हम लोगों के लिए नहीं छोड़ गए सो सब कुछ ए बी सी डी से सीखते हुए आगे बढ़ना करना है.

यशवंत

यशवंतनए नए प्रयोग करना हम हिंदी वालों की ताकत भी है और मजबूरी भी. ताकत इसलिए क्योंकि इन्हीं उटपटांग पर सार्थक प्रयोगों के बल पर हिंदी और हिंदी वाले आगे बढ़ रहे हैं और बढ़ेंगे. मजबूरी इसलिए कि अपने लोगों के बाप-दादा चांदी के चम्मच हम लोगों के लिए नहीं छोड़ गए सो सब कुछ ए बी सी डी से सीखते हुए आगे बढ़ना करना है.

प्रधानजी डाट काम नामक पोर्टल इसलिए शुरू किया था ताकि भड़ास4मीडिया पर आने वाले ढेर सारे नान-मीडिया आलेखों, विचारों, पोस्टों को किसी नान-मीडिया पोर्टल पर पब्लिश किया जाए. प्रधानजी डाट काम दो राउंड इसी उद्देश्य से जोशोर से शुरू हुआ और फिर धीरे-धीरे पस्त पड़ते हुए बंद-सा हो गया. वजह यह कि हम लोगों का भड़ास4मीडिया पर काम करते हुए ही इतना समय जाया हो जाता है कि प्रधानजी डाट काम को अपडेट करने की फुर्सत नहीं मिलती.

अब एक नया विचार आया है कि क्यों न प्रधानजी डाट काम का सारा डाटाबेस (आर्टिकल और तस्वीरें) भड़ास4मीडिया डाट काम पर ही ले आया जाए. विचार आया तो विचार को विचार नामक सबडोमेन भड़ास4मीडिया पर निर्मित कर प्रधानजी डाट काम का सारा डाटाबेस भड़ास4मीडिया डाट काम पर शिफ्ट कर दिया गया. मतलब, भड़ास4मीडिया डाट काम पर ही ‘भड़ास4मीडिया विचार’ नामक एक नया ब्लागनुमा पोर्टल शुरू कर दिया गया है जो आपके सामने हाजिर है. इसमें खासियत यह कि पोस्ट एक के नीचे एक पड़ती जाएंगी ताकि किसी कैटगरी व सेक्शन का झंझट ही न रहे. जो कुछ भी इस पर पड़े वह तुरंत प्रमुखता से दिखे.

कोशिश यह है कि लोग खुद इस पोर्टल पर डायरेक्ट अपने आर्टिकल व आर्टिकल से संबंधित तस्वीरें पोस्ट कर पाएं. इसके लिए सदस्य बनकर रजिस्टर्ड होने का आप्शन दिया हुआ है. रजिस्टर्ड होने पर यूजर नेम और पासवर्ड आटोमेटिकली संबंधित व्यक्ति के मेल पर पहुंच जाएगा. लेकिन कोई रजिस्टर्ड होते ही अपना लिखा पोस्ट करने का राइट नहीं पा सकेगा. रजिस्टर्ड व्यक्ति को लेखक का राइट भड़ास4मीडिया टीम की तरफ से दिया जाएगा. ऐसा इसलिए ताकि छुपेरुस्तम लोग इस सुविधा का दुरुपयोग न कर सकें. रजिस्टर्ड यूजर को लेखक का राइट मिलते ही वह अपना आर्टिकल, पिक्चर सबमिट कर सकेगा. आर्टिकल सबमिट करने पर तुरंत पब्लिश करने का आप्शन नहीं दिया गया है. आर्टिकल पोस्ट करेंगे तो वह डाटाबेस में जाकर सेव हो जाएगा. भड़ास4मीडिय टीम आर्टिकल को एक नजर देखने के बाद व उसमें यथोचित तकनीकी व संपादकीय संशोधन मोडिफिकेशन करेक्शन के बाद तुरंत पब्लिश करा देगी.  आप ‘भड़ास4मीडिया विचार’ पर रजिस्टर्ड हो जाएं और लेखक का राइट पाने के लिए एक मेल [email protected] पर डाल दें. बस, काम हो गया.

मुझे खुशी है कि कई चिंतक, बुद्धिजीवी, पत्रकार, ब्लागर, संपादक अपने लिखे को तुरंत इस पोर्टल पर पब्लिश कर सकेंगे. यहां पर प्रकाशित पोस्ट की हेडिंग्स भड़ास4मीडिया डाट काम के होम पेज पर प्रमुखता से दिखाने की व्यवस्था शीघ्र ही बना दी जाएगी ताकि भड़ास4मीडिया डाट काम के पाठक शीर्षकों के सहारे इस पोर्टल तक पहुंच सकें.

कैसा है यह उटपटांग-सा प्रयोग और यह कितना चलायमान है, यह तो भविष्य में ही पता चलेगा.

यशवंत

एडिटर, भड़ास4मीडिया

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You May Also Like

मेरी भी सुनो

अपनी बातें दूसरों तक पहुंचाने के लिए पहले रेडियो, अखबार और टीवी एक बड़ा माध्यम था। फिर इंटरनेट आया और धीरे-धीरे उसने जबर्दस्त लोकप्रियता...

राजनीति-सरकार

मोहनदास करमचंद गांधी यह नाम है उन हजार करोड़ भारतीयों में से एक जो अपने जीवन-यापन के लिए दूसरे लोगों की तरह शिक्षा प्राप्त...

साहित्य जगत

पूरी सभा स्‍तब्‍ध। मामला ही ऐसा था। शास्‍त्रार्थ के इतिहास में कभी भी ऐसा नहीं हुआ कि किसी प्रश्‍नकर्ता के साथ ऐसा अपमानजनक व्‍यवहार...

मेरी भी सुनो

सीमा पर तैनात बीएसएफ जवान तेज बहादुर यादव ने घटिया खाने और असुविधाओं का मुद्दा तो उठाया ही, मीडिया की अकर्मण्यता पर भी निशाना...