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ग्रामीण पत्रकार उठा रहे हैं आम जन की आवाज : शारदा

देवास: देवास में वर्किंग जर्नलिस्‍ट यूनियन का प्रांतीय सम्‍मेलन आयोजित : अपने क्षेत्र में विशिष्‍ट योगदान देने वाले सम्‍मानित किए गए : रमेश शर्मा यूनियन के संरक्षक बने : देश को आजादी दिलाने के लिये नेताजी सुभाषचन्द्र बोस ने नारा दिया था-तुम मुझे खून दो मैं तुम्हें आजादी दिलाऊंगा और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने देश को आजाद कराने का नारा दिया। इन दोनों महान विभूतियों की आवाज को जन-जन तक पहुंचाने का काम ग्रामीण अंचल के पत्रकारों ने किया। आज भी सरकार के काम को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य ग्रमीण अंचल के पत्रकार कर रहे हैं। अत: हमें ग्रामीण अंचल के पत्रकारों के दुख-सुख का ध्यान रखना होगा। उक्त बात वर्किंग जर्नलिस्ट यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष राधावल्लभ शारदा ने यूनियन की देवास जिला ईकाई द्वारा आयोजित प्रांतीय सम्मेलन में कही।

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देवास: देवास में वर्किंग जर्नलिस्‍ट यूनियन का प्रांतीय सम्‍मेलन आयोजित : अपने क्षेत्र में विशिष्‍ट योगदान देने वाले सम्‍मानित किए गए : रमेश शर्मा यूनियन के संरक्षक बने : देश को आजादी दिलाने के लिये नेताजी सुभाषचन्द्र बोस ने नारा दिया था-तुम मुझे खून दो मैं तुम्हें आजादी दिलाऊंगा और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने देश को आजाद कराने का नारा दिया। इन दोनों महान विभूतियों की आवाज को जन-जन तक पहुंचाने का काम ग्रामीण अंचल के पत्रकारों ने किया। आज भी सरकार के काम को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य ग्रमीण अंचल के पत्रकार कर रहे हैं। अत: हमें ग्रामीण अंचल के पत्रकारों के दुख-सुख का ध्यान रखना होगा। उक्त बात वर्किंग जर्नलिस्ट यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष राधावल्लभ शारदा ने यूनियन की देवास जिला ईकाई द्वारा आयोजित प्रांतीय सम्मेलन में कही।

अपनी बात को जारी रखते हुये उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान एवं मंत्री जनसम्पर्क लक्ष्मीकांत शर्मा ने यूनियन की पहल पर तहसील में कार्यरत पत्रकारों को अधिमान्यता देना स्वीकारा और अब दी जा रही है। तहसील स्तर की अधिमान्यता के लिये अब पत्रकार को समाचार-पत्र के मालिक अथवा संपादक पर निर्भर नही रहना होगा। जिले के जन सम्पर्क अधिकारी की अनुशंसा पर अधिमान्यता मिलेगी। सरकार ने उपचार हेतु राशि 20 हजार से बढ़ाकर 50 हजार कर दी। पत्रकार की गंभीर बीमारी से मृत्यु होने पर उसके परिवार को एक लाख रूपये तक का सहायता राशि देना तय किया है। जहां सरकार ने अच्छे कार्य किये हैं सराहना होना चाहिये परन्तु विभागों की कमियां भी उजागर करना चाहिये।

श्री शारदा ने कहा कि प्रदेश के श्रम आयुक्त के पास श्रमजीवी पत्रकारों की सूची नही है। जबकि प्रदेश में लगभग 2500 पत्रकार अधिमान्यता प्राप्त है और ये सभी श्रमजीवी पत्रकार की श्रेणी में आते हैं। पुलिस विभाग ने वर्ष 2009 दिसम्बर तक गृह विभाग के वर्ष 1985, 1986 एवं 2005 के उस आदेश की अवहेलना की जिसके तहत पत्रकार पर दर्ज होने वाले प्रकरण की जांच डीआईजी अथवा एसपी से करायी जानी चाहिये। यूनियन के पास 250 पत्रकारों की सूची है, जिसमें जांच एसआई से कराकर प्रकरण दर्ज किये गये। इन प्रकरणों की पुन: जांच की मांग की गई है।

उन्‍होंने कहा कि तहसील एवं जिले से नियमित प्रकाशित होने वाले साप्ताहिक पत्र एवं मासिक पत्रिकाओं को नियमित विज्ञापन मिलना चाहिये साप्ताहिक एवं मासिक पत्र-पत्रिका का प्रसार एवं उम्र दैनिक समाचार पत्रों से अधिक है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भोपाल के वरिष्ठ पत्रकार रमेश शर्मा ने कहा कि पत्रकारिता का व्यवसायीकरण हो चुका है और अब स्थिति काफी बदल चुकी है। गला काट प्रतिस्पर्धा के इस दौर में शहरी क्षेत्र में पत्रकारिता का पूरी तरह व्यावसायीकरण हो गया है और असली पत्रकारिता ग्रामीण क्षेत्र में ही की जा सकती है। इसीलिए ग्रामीण पत्रकारों को अपने कर्तव्यों का पूरी ईमानदारी से निर्वहन करना चाहिए, ताकि वे सभी वर्गों के लोगों को न्याय दिला सकें। उन्होंने कहा कि पहले किसी अखबार में एक छोटी सी खबर छपती थी तो बवाल खड़ा हो जाता था, किंतु आज आधे पृष्ठ की खबर छपने पर भी कोई हलचल नहीं होती है। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता के महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में चल रहे पाठ्यक्रम में उन अखबारों का जिक्र नहीं है, जिन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। पत्रकारिता पाठ्यक्रम में ब्रिटेन व अन्य विदेशी अखबारों का जिक्र किया गया है। ऐसी स्थिति में हम कैसे श्रेष्ठ पत्रकार बना सकते हैं।

वरिष्ठ पत्रकार ओमप्रकाश मेहता ने कहा कि आज पत्रकारिता वेंटीलेटर पर और पत्रकार आईसीयू में हैं। ऐसे में पत्रकारों को काफी कठिनाई का सामना करना पड़ता है। पत्रकार यदि किसी सरकार की तारीफ छापता है तो उस पर पैसे लेकर खबर छापने का आरोप लगता है और यदि वह खिलाफत करता है, तो यह कहा जाता है कि पैसे नहीं मिले, इसीलिए खिलाफ खबर छाप दी। कुल मिलाकर पत्रकारों को काफी संयमित होकर काम करना चाहिए।

कार्यक्रम को संबोधित करते एडीएम शर्मा ने कहा कि चौथे स्तंभ के बगैर तीनों स्तंभ अधूरे है। छोटे समाचारों से प्रशासन का ध्यान समस्याओं की तरफ जाता है। विशेष अतिथि वरिष्‍ठ पत्रकार सतीश जोशी ने कहा कि ग्रामीण पत्रकार के पास कलम है। परन्तु समाचार पत्र नहीं वह समाचार तो भेजता है। परन्तु स्थान मिलने की गांरटी नही। जनता से जुड़े समाचारों को प्रथम पृष्ठ पर स्थान नहीं मिलता। ग्रामीण पत्रकारों को संसाधनों से लैस होना पड़ेगा।

इस दौरान वरिष्ठ पत्रकार एवं राष्ट्रीय एकता समिति के उपाध्यक्ष रमेश शर्मा ने यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष राधावल्लभ शारदा एवं समस्त सदस्यों के आग्रह पर यूनियन के संरक्षक पद को स्वीकार किया। संरक्षक पद पर वरिष्ठ पत्रकार एवं दैनिक नई दुनिया के संपादक ओमप्रकाश जी मेहता पूर्व से ही संस्‍था के संरक्षक है। वर्किग जर्नलिस्ट यूनियन के अध्यक्ष राधावल्लभ शारदा ने नई उम्र के सदस्यों को आगे लाने तथा अपने सहयोगी के रूप में भोपाल के पत्रकारों कृष्ण मोहन झा को प्रदेश का कार्यकारी अध्यक्ष घोषित किया।

वर्किंग जर्नलिस्ट यूनियन द्वारा अपने-अपने क्षेत्र में सराहनीय कार्य करने वाले लोगों का सम्मान किया गया। चुने गए लोगों को शाल-श्रीफल व प्रशस्ति पत्र भेंट किया गया। जिसमें नगर पंचायत भौंरासा के अध्यक्ष संजय जोशी, जिला पंचायत सदस्य नरेन्द्र सिंह राजपूत, अकोदिया नगर पंचायत के अध्यक्ष दौलत सिंह मंडलोई, उपाध्यक्ष नरेन्द्र मेहता, सोनकच्छ जनपद उपाध्यक्ष दशरथसिंह धाकड़, डॉ. रामकिशन माली, एसपी जेदी, हाईस्कूल प्राचार्य श्रीमती पंचशिला गणवीर, भौंरासा टीआई जेके शर्मा, पांदा ग्राम पंचायत सचिव बहादुर सिंह पांचाल, रोटरी क्लब भौंरासा अध्यक्ष डॉ. रूपसिंह नागर, सोनकच्छ के समाजसेवी जगजीत सलूजा, जेलर पीएल लबाना, पत्रकार अनिल सिकरवार, जितेन्द्र पुरोहित, गिरीश गोयल, सुरेश मेहता सोनकच्छ, गोपालकृष्ण चौबे कांटाफोड़ आदि प्रमुख हैं।

कार्यक्रम में राजेश राठौर, राजकुमार शिन्दे, पत्रकार दिलीप मिश्रा, कृष्णमोहन झा, ज्ञानेन्द्र त्रिपाठी, दौलत भाऊसार, संतोष गोस्वामी, राजेन्द्रसिंह पंवार, गेंदालाल तिवारी, हरिनारायण नागर, शकील खान, मनोज जोशी, मनोज शुक्ला, अभय नागर, सौरभ पुरोहित, राधेश्याम चौधरी आदि उपस्थित थे। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। स्वागत भाषण भौंरासा के वरिष्ठ पत्रकार राधेश्याम नागर ने दिया। अध्‍यक्षता प्रदेश अध्‍यक्ष  राधावल्‍लभ शारदा एंव संचालन पूर्णानंद शास्‍त्री ने किया।

देवास से राजेन्द्र पवार की रिपोर्ट.

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