Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

मेरी भी सुनो

राहुल गांधी के गुंडे मार डालेंगे मुझे!

सेवा में, श्री यशवंत सिंह जी, सम्पादक भड़ास4मीडिया नई दिल्ली। महोदय, मेरा नाम बलराम चौबे अस्थायी निवासी इंदिरा नगर लखनऊ एवं स्थायी निवास- ग्राम/पो0-थौरी जिला-सुलतानपुर है। यशवंत जी मैं उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से प्रकाशित होने वाले दैनिक समाचार-पत्र दैनिक चाणक्य निर्देश में कार्यरत हूं। मैं आपको यह भी बताना चाहूंगा कि मैं कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव राहुल गांधी जी के लोकसभा क्षेत्र अमेठी से संबंध रखता हूं।

सेवा में, श्री यशवंत सिंह जी, सम्पादक भड़ास4मीडिया नई दिल्ली। महोदय, मेरा नाम बलराम चौबे अस्थायी निवासी इंदिरा नगर लखनऊ एवं स्थायी निवास- ग्राम/पो0-थौरी जिला-सुलतानपुर है। यशवंत जी मैं उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से प्रकाशित होने वाले दैनिक समाचार-पत्र दैनिक चाणक्य निर्देश में कार्यरत हूं। मैं आपको यह भी बताना चाहूंगा कि मैं कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव राहुल गांधी जी के लोकसभा क्षेत्र अमेठी से संबंध रखता हूं।

राहुल जी एक तरफ तो देश में सामंतवादी ताकतों को नष्ट करने एवं सबको एक समान जीविका स्तर देने की बात करते हैं। दूसरी तरफ उन्हीं की पार्टी के एक तथाकथित बड़े नेता बीएन सिंह एवं उनके पुत्र राजेश्वर सिंह एवं इनका एजेंट अजय प्रताप सिंह की दबंगई से गांव के लोग दहशत में हैं। अजय प्रताप सिंह, जो कि ब्लाक एवं जिले का कार्य संभालता है, और सबसे बड़ी बात यह है कि यह व्यक्ति थौरी ग्रामसभा का निवासी ही नहीं है फिर भी पिछले कई सालों से कांग्रेस के लिए इलेक्शन एजेण्ट के रूप में कार्य करता आ रहा है। इन लोगों का आतंक इतने वृहद स्तर पर आमजन मानस के मन व्याप्त है कि लोग इनके डर से वोट डालने नहीं जाते। इसका कारण यह है कि पिछले 20 सालों से जिस कालेज पर पोलिंग बूथ बनाया जा रहा है, उसी कैम्पस में इन लोगों की रिहाइश है।

जो व्यक्ति इनकी बातों का विरोध करता है, उसे ये लोग कालेज का गेट बंद करके बेल्ट एवं लात-घूंसों से मारते-पीटते हैं। इसी दहशत में ज्‍यादातर लोग अपने वोट का प्रयोग भी नहीं कर पाते हैं। लोगों ने कई बार इस बूथ को बदलवाने की मांग भी की, लेकिन इन लोगों ने अपने राजनैतिक प्रभाव का इस्तेमाल करके बूथ को बदलने ही नहीं दिया। इसका परिणाम यह है कि ये लोग जो चाहते हैं वही इस बूथ पर होता है। ये लोग ग्रामीण जनता का जमकर शोषण शोषण करते हैं। क्षेत्र में इनकी गुण्डा गर्दी का आलम यह है कि कोई इनके खिलाफ आवाज नहीं उठा पाता है। राहुल के ये शुभचिंतक जो चाहते हैं वही होता है। ये तथाकथित नेता थौरी ग्राम सभा की प्रधानी की सीट पर पिछले 20 सालों से काबिज हैं। इन बीस सालों में गांव के विकास का आलम यह है कि चारों तरफ बजबजाती नालियां हैं। पूर्व प्रधान मंत्री स्व. राजीव गांधी जी ने इस गांव को एक पानी की टंकी एवं नलकूप प्रदान किया था, किंतु इन लोगों ने अपने स्वार्थ के लिए इस नलकूप की इतनी दुर्दशा कर दी कि यह लगभग आठ सालों से बंद पड़ा है। इन लोगों ने इस टंकी में लगे ट्रांसफार्मर, केबिल, गेट एवं इसकी चहारदीवारी में लगी ईटों तक को उखड़वाकर अपने घर में लगा लिया है। सड़क एवं खडण्जे का कहीं कोई अता-पता तक नहीं है।

इन लोगों ने इतनी ज्यादा लूट-खसोट और आतंक मचा रखा है कि पूरा गांव त्राहि-त्राहि कर रहा है, लेकिन राहुल गांधी और कांग्रेस के नाम पर कोई भी व्यक्ति विरोध नहीं कर पा रहा है। ऐसे में मैंने अपनी कलम की ताकत का इस्तेमाल करते हुये इनके द्वारा किये गये विकास कार्यों की धांधली को उजागर करना शुरू कर दिया। इससे कसमसाते हुये इन लोगों ने पिछली 10 सितंबर को, जब मैं लखनऊ से अपने घर आ रहा था, रात में मुझे रोककर मेरे साथ मारपीट की। मेरे सहित मेरे पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी। इन दबंग लोगों को स्थानीय थाना जगदीशपुर का भी समर्थन प्राप्त है। ऐसे में एक पत्रकार के लिए निर्भिकता के साथ कार्य कर पाना थोड़ा सा मुश्किल जरूर होता है लेकिन नामुमकिन नहीं। अभी पिछले दिनों आपने यूपी में कई पत्रकारों की हत्या किये जाने की खबरों को अवश्य पढ़ा होगा। मुझे लगता है कि उसी क्रम में मेरा भी नाम जरूर छपेगा, लेकिन मैं अपनी लेखनी को बंद नहीं करूंगा चाहे इसके लिए मुझे कोई भी कीमत क्‍यें ना चुकानी पडे़।

इन लोगों ने कांग्रेस को भी नहीं बख्शा है। जिसकी बानगी के रूप में मैं आपको एक उदाहरण देता हूं- सन 2002-2003 में जब सोनिया गांधी जी अमेठी से सांसद हुआ करती थी, तब उन्होंने कादूनाला लिंक मार्ग से इण्टर कालेज थौरी तक एक सीसी रोड बनाने के लिए अपनी सांसद निधि से पैसा जारी किया था। तब इन तथाकथित कांग्रेस मठाधीशों ने लोकहित को नजरअंदाज करते हुये इस सीसी रोड का निर्माण अपने विशाल घर के अंदर ही करवा लिया। उस समय भी जब मैंने इस मामले को उजागर करने की कोशिश की थी तब मेरा कैमरा ही तोड़कर फेंक दिया गया था। उस समय मेरी आयु कम थी एवं आप जैसे सशक्त लोगों का साथ भी नहीं था, सो मैं चुपचाप बैठ गया था। इस बार ऐसा नहीं होगा। मेरा आपसे विनम्र अनुरोध यही है कि मेरी इस आवाज को दिल्ली तक एवं पत्रकार भाईयों के बीच जरूर पहुंचाये ताकि मेरी मौत गुमनामी की गर्त में उलझकर न रह जाये, बल्कि यह आवाज दूर-दूर तक गूंजे।

सादर,
बलराम चौबे
दैनिक चाणक्य निर्देश
लखनऊ

मोबाइल – 09839700699
[email protected]

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You May Also Like

मेरी भी सुनो

अपनी बातें दूसरों तक पहुंचाने के लिए पहले रेडियो, अखबार और टीवी एक बड़ा माध्यम था। फिर इंटरनेट आया और धीरे-धीरे उसने जबर्दस्त लोकप्रियता...

राजनीति-सरकार

मोहनदास करमचंद गांधी यह नाम है उन हजार करोड़ भारतीयों में से एक जो अपने जीवन-यापन के लिए दूसरे लोगों की तरह शिक्षा प्राप्त...

साहित्य जगत

पूरी सभा स्‍तब्‍ध। मामला ही ऐसा था। शास्‍त्रार्थ के इतिहास में कभी भी ऐसा नहीं हुआ कि किसी प्रश्‍नकर्ता के साथ ऐसा अपमानजनक व्‍यवहार...

मेरी भी सुनो

सीमा पर तैनात बीएसएफ जवान तेज बहादुर यादव ने घटिया खाने और असुविधाओं का मुद्दा तो उठाया ही, मीडिया की अकर्मण्यता पर भी निशाना...