नवम्बर का महीना यातायात का महीना है. पुलिस यातायात के नियम और कानून जनता को बताती है. लोगों को जागरूक करती है ताकि लोग गाड़ियों को ठीक ढंग से चलायें, जिससे होने वाली दुर्घटना से बच सकें. पुलिस ने ये सारी कवायद को पूरा भी किया, मगर कैसे? आइये हम आपको दिखाते हैं. जनपद सोनभद्र में यातायात माह के दौरान पुलिस ने एक समारोह के माध्यम से लोगो को यातायात के नियमों के बारे में जागरूक कर रही है. तैयारी एक जलसे के जैसा. मुख्य अतिथि सोनभद्र के पुलिस कप्तान डॉ. प्रीतिंदर सिंह और जिलाधिकारी पन्धारी यादव और भी जनपद के वरिष्ठ अधिकारी समारोह में शामिल हुए उन्होंने लोगो को जागरूक भी किया, लेकिन खुद और अपनी पुलिस को जागरूकता का पाठ नहीं पढ़ पाए.
समारोह में जागरूकता के नाम पर लगे पोस्टर, जिस पर लिखा है ‘हमारा सुरक्षा आपकी दायीत्व.’ इस पर लिखे शब्द और मात्रा की बनावट से आप खुद ही अंदाज़ा लगा सकते हैं कि यातायात के नाम पर पुलिस इस मौके पर क्या बताना चाह रही है. इससे एक बात तो साफ़ कर ही दिया कि जागरूकता की ज्यादा जरूरत पुलिस को है, पहले वो खुद जागरूक हो तब कहीं जाकर लोगों को जागरूक करें. सबसे मजे की बात तो ये है कि पूरा समारोह ख़त्म हो गया लेकिन किसी भी तथाकथित जिम्मेदार पुलिस अधिकारी की नज़र इस बैनर पर नहीं गई. पुलिस की इस लापरवाही से यातायात माह जैसे महत्वपूर्ण योजना में राष्ट्र भाषा हिन्दी की धज्जियाँ उड़ गई. रैली में शामिल हुए बच्चों से बैनर के बारे में बात करने पर बच्चों ने कहा की पहले पुलिस अपने आप को सुधारे तो जनता खुद सुधर जाएगी.
लेखक अश्वनी देव पाण्डेय पत्रकारिता से जुड़े हुए हैं.

