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हर रंग की है अपनी कहानी : जयंतो खान

: बदलते मीडिया और उसकी जरूरतों को समझना जरूरी : माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के जनसंचार विभाग में आयोजित एक कार्यक्रम में देश के दो ख्यातिनाम पत्रकारों ने विद्यार्थियों से अपने अनुभव बांटे। ये मेहमान थे बंगला पत्रिका ‘लेट्स गो’ एवं ‘साइबर युग’ के प्रधान सम्पादक जयंतो खान (कोलकाता) एवं प्रवक्ता डॉट काम के प्रधान सम्पादक संजीव सिन्हा ( दिल्ली)। पत्रकार जयंतो खान ने विद्यार्थियों को अखबार व पत्र-पत्रिकाओं की साज-सज्जा के बारे में जानकारी दी। रंगों का विज्ञान समझाते हुए उन्होंने हर रंग की विशेष अपील एवं प्रभावों के बारे में बताया। पत्र-पत्रिकाओं और अखबारों में इस्तेमाल होने वाली छपाई तकनीक के राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय परिदृश्य के बारे में भी जानकारी दी। इसके अलावा उन्होंने विजुअलाइजेशन और ग्राफिक्स के बारे में भी छात्रों को जानकारी देते कहा कि बदलते मीडिया और उसकी जरूरतों को जानना बहुत जरूरी है।

माखनलाल

: बदलते मीडिया और उसकी जरूरतों को समझना जरूरी : माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के जनसंचार विभाग में आयोजित एक कार्यक्रम में देश के दो ख्यातिनाम पत्रकारों ने विद्यार्थियों से अपने अनुभव बांटे। ये मेहमान थे बंगला पत्रिका ‘लेट्स गो’ एवं ‘साइबर युग’ के प्रधान सम्पादक जयंतो खान (कोलकाता) एवं प्रवक्ता डॉट काम के प्रधान सम्पादक संजीव सिन्हा ( दिल्ली)। पत्रकार जयंतो खान ने विद्यार्थियों को अखबार व पत्र-पत्रिकाओं की साज-सज्जा के बारे में जानकारी दी। रंगों का विज्ञान समझाते हुए उन्होंने हर रंग की विशेष अपील एवं प्रभावों के बारे में बताया। पत्र-पत्रिकाओं और अखबारों में इस्तेमाल होने वाली छपाई तकनीक के राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय परिदृश्य के बारे में भी जानकारी दी। इसके अलावा उन्होंने विजुअलाइजेशन और ग्राफिक्स के बारे में भी छात्रों को जानकारी देते कहा कि बदलते मीडिया और उसकी जरूरतों को जानना बहुत जरूरी है।

माखनलालप्रवक्ता डॉट काम के सम्पादक संजीव सिन्हा ने बेव पत्रकारिता के बारे में जानकारी दी। अपने अनुभव बांटते हुए उन्होंने कहा कि जो तेजी इस माध्यम में है वह मीडिया की अभी अन्य किसी विधा में नहीं है। यही तेजी इस माध्यम के लिए वरदान है। छात्रों ने बेव पत्रकारिता से जुड़ी जानकारियों के अलावा इससे जुड़े विभिन्न आयामों जैसे- विश्वसनीयता, सामग्री आदि के बारे में भी प्रश्न पूछे। उन्होंने कहा वेब पत्रकारिता सबसे नया किंतु सबसे प्रभावी माध्यम साबित होने जा रही है। इसने जहां परंपरागत समाचार माध्यमों को कड़ी चुनौती दी है वहीं अपनी बहुआयामी उपयोगिता से यह नई पीढ़ी का सबसे प्रिय माध्यम है। आज भले हमारे पुस्तकालय खाली हों किंतु साइबर कैफे युवाओं से भरे पड़े हैं। यह माध्यम बहुत जल्दी जिंदगी में भी एक खास जगह बना लेगा। कार्यक्रम के प्रारंभ में विभागाध्यक्ष संजय द्विवेदी ने अतिथियों का स्वागत किया। इस मौके पर विश्वविद्यालय के प्रकाशन अधिकारी सौरभ मालवीय, राकेश ठाकुर खासतौर पर मौजूद रहे। आरंभ में अतिथियों को पुष्पगुच्छ देकर विभाग की छात्राओं नीतिशा कश्यप और अमृता राज ने स्वागत किया।

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