Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

साहित्य जगत

डा. फूलचंद मानव आस्‍ट्रेलिया में होंगे सम्‍मानित

पंजाब के साहित्य शिरोमणि पुरस्कार से सम्मानित और पंजाबी-हिंदी के विख्यात साहित्यकार डा. फूलचंद मानव को आस्ट्रेलिया में उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया जाएगा। वहां पंजाबी कौंसिल आफ आस्ट्रेलिया के अध्यक्ष मोहिंदर सिंह, चेयरमैन मनधीर सिंह और महासचिव प्रभजोत सिंह ने एक बयान में यह जानकारी दी। कौंसिल पंजाबी समुदाय से जुड़े मामलों में उल्लेखनीय काम करने के अलावा, साहित्य, खेल, सांस्कृतिक गतिविधियों में सराहनीय योगदान के फलस्वरूप लोगों को सम्मानित करती है। कौंसिल का गठन वर्ष 2005 में किया गया था। कौंसिल समय-समय पर ऐसे लोगों को सम्मानित करती रहती है। ओबर्न (आस्ट्रेलिया) में एक समारोह में इस बार फूलचंद मानव को सम्मानित किया जाएगा। डा. मानव की कई पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। वे पंजाब के सरकारी कालेज में प्राध्यापक पद से सेवानिवृत्त हुए हैं और अब साहित्य सृजन में लगे हुए हैं। वे सरकारी पत्रिका जागृति के संपादक भी रह चुके हैं। वे ढकौली (जीरकपुर) में रहते हैं और साहित्य संगम नाम से संस्था भी चलाते हैं। संगम साहित्यिक गोष्ठियां और अन्य कार्यक्रम आयोजित कराता रहता है।

पंजाब के साहित्य शिरोमणि पुरस्कार से सम्मानित और पंजाबी-हिंदी के विख्यात साहित्यकार डा. फूलचंद मानव को आस्ट्रेलिया में उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया जाएगा। वहां पंजाबी कौंसिल आफ आस्ट्रेलिया के अध्यक्ष मोहिंदर सिंह, चेयरमैन मनधीर सिंह और महासचिव प्रभजोत सिंह ने एक बयान में यह जानकारी दी। कौंसिल पंजाबी समुदाय से जुड़े मामलों में उल्लेखनीय काम करने के अलावा, साहित्य, खेल, सांस्कृतिक गतिविधियों में सराहनीय योगदान के फलस्वरूप लोगों को सम्मानित करती है। कौंसिल का गठन वर्ष 2005 में किया गया था। कौंसिल समय-समय पर ऐसे लोगों को सम्मानित करती रहती है। ओबर्न (आस्ट्रेलिया) में एक समारोह में इस बार फूलचंद मानव को सम्मानित किया जाएगा। डा. मानव की कई पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। वे पंजाब के सरकारी कालेज में प्राध्यापक पद से सेवानिवृत्त हुए हैं और अब साहित्य सृजन में लगे हुए हैं। वे सरकारी पत्रिका जागृति के संपादक भी रह चुके हैं। वे ढकौली (जीरकपुर) में रहते हैं और साहित्य संगम नाम से संस्था भी चलाते हैं। संगम साहित्यिक गोष्ठियां और अन्य कार्यक्रम आयोजित कराता रहता है।

डा. मानव की पत्नी योगेश्वर भी प्राध्यापक पद से सेवानिवृत्त हुई हैं और वे भी पति के साथ साहित्य में सहयोग करती है। उनकी अलग से भी पहचान है। दोनों इस समय आस्ट्रेलिया में है। फूलचंद मानव ने बताया कि पंजाबी से उनका उतना ही लगाव है जितना हिंदी का, चूंकि वे पंजाब के रहने वाले हैं इसलिए यह भाषा भी अच्छी लगती है। उनके मुताबिक वे पंजाबी से हिंदी में काफी पुस्तकों का अनुवाद भी कर चुके हैं। अब भी साहित्य अकादमी की दो बड़ी पुस्तकों का पंजाबी से हिंदी में अनुवाद कर रहे हैं। संस्था द्वारा सम्मानित करने पर उन्होंने कहा कि यह मेरे लिए खुशी की बात है।

महेन्‍द्र सिंह राठौड़ की रिपोर्ट.

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You May Also Like

मेरी भी सुनो

अपनी बातें दूसरों तक पहुंचाने के लिए पहले रेडियो, अखबार और टीवी एक बड़ा माध्यम था। फिर इंटरनेट आया और धीरे-धीरे उसने जबर्दस्त लोकप्रियता...

राजनीति-सरकार

मोहनदास करमचंद गांधी यह नाम है उन हजार करोड़ भारतीयों में से एक जो अपने जीवन-यापन के लिए दूसरे लोगों की तरह शिक्षा प्राप्त...

साहित्य जगत

पूरी सभा स्‍तब्‍ध। मामला ही ऐसा था। शास्‍त्रार्थ के इतिहास में कभी भी ऐसा नहीं हुआ कि किसी प्रश्‍नकर्ता के साथ ऐसा अपमानजनक व्‍यवहार...

मेरी भी सुनो

सीमा पर तैनात बीएसएफ जवान तेज बहादुर यादव ने घटिया खाने और असुविधाओं का मुद्दा तो उठाया ही, मीडिया की अकर्मण्यता पर भी निशाना...