सैफई (इटावा) प्रदेश का पत्रकार खादी व खाकी के साये में अपने को निरन्तर असुरक्षित महसूस कर रहा है। प्रदेश सरकार पत्रकारों को सुरक्षा उपलब्ध कराये तथा तहसील स्तरीय पत्रकारों को मान्यता प्राप्त पत्रकार घोषित करे। यह बात राष्ट्रीय जर्नलिस्ट एसोसिएशन के प्रदेश प्रशासनिक सचिव सुघर सिंह जाटव ने इटावा पक्का तालाब स्थिति विक्टोरिया मेमोरियल हॉल में एसोसिएशन के पदाधिकारियों व पत्रकारों को सम्बोधित करते हुये कही। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश का पत्रकार सुरक्षित नहीं है। प्रदेश में 40 पत्रकारों की हत्या हो चुकी है। प्रदेश सरकार पत्रकारों की सुरक्षा करने में विफल साबित हुयी है। भाजपा सरकार में राजनाथ सिंह ने तहसील स्तर के पत्रकारों को मान्यता प्राप्त पत्रकार घोषित करने की सहमति दी थी, लेकिन विपक्षी सरकारों ने तहसील स्तरीय पत्रकारों की मान्यता पर रोक लगा दी, इसके अलावा प्रदेश की मुख्यमंत्री ने अखबारों की सूचीबद्धता पर रोक लगी, मान्यता प्राप्त पत्रकारों को लखनऊ सचिवालय में बिना सचिवालय पास के न घुसने देने का आदेश जारी करने के बाद सरकार का पत्रकार विरोधी चेहरा जनता के सामने आ गया है।
राष्ट्रीय कार्यसमिति के सदस्य डॉ सुशील सम्राट ने कहा कि पत्रकार आपसी मेलजोल के साथ काम करें किसी भी दबाब में न आकर सच्चाई लिखें ताकि भ्रष्ट लोगों को जनता देख सके। जिला संयोजक अमर प्रकाश पाठक ने कहा कि पत्रकार साथी अपराधियों और उनको संरक्षण देने वालों के खिलाफ अपनी कलम को कमजोर न पड़ने दें।
कार्यक्रम में रामवीर सिंह राष्ट्रीय सहारा, अवधेश राठौर जनसत्ता, वीपी सिंह कल्पतरू एक्सप्रेस, प्रशान्त पाण्डेय हिन्दुस्तान, दिलफूल दिवाकर बीपीएन टाइम्स, अनिल यादव बुद्ध की पुकार, तेजपाल सिंह दैनिक सहानुभूति, रिंकू तिवारी अमर उजाला, राघव शर्मा हिन्दुस्तान, नफीस अंसारी डीएलए, अवधेश यादव हिन्दुस्तान, आनन्द गुप्ता आदि कई पत्रकार उपस्थिति थे।

