ईश्वर से विनती यही, है मेरी इस बार।
तुम ऐसे फूलो-फलो, जैसे भ्रष्टाचार।।
येदुरप्पा सा आपका, रुतबा रहे बहाल।
कलमाड़ी बन जीम लें, खुद ही सारा माल।।राडिया सम आपके, उन्नत हों सम्पर्क।
राजा अरु चव्हाण सा, ना हो बेडा गर्क।।
शीला, नीतीश, नरेन्द्र सा, सिर पर रहे किरीट।
भारत को मिल जाए वह, वीटो वाली सीट।।
राहुल गांधी की तरह, मिले सभी का प्यार।
ओबामा सा आपका, हो शाही सत्कार।।
सुरेन्द्र दुबे हास्यकवि व व्यंग्यकार हैं.

