बीड़ी मजदूरों की असलियत से नावाकिफ है सरकार

झारखंड में असंगठित मजदूरों की संख्या लाखों में है। इसमें बीड़ी मजदूरों का एक बड़ा तबका शामिल है। इन मजदूरों का दुर्भाग्य यह है कि उनकी वास्तविक संख्या राज्य सरकार के पास नहीं है। राज्य सरकार बीड़ी उद्योग से जुड़े मजदूरों के हालात से नावाकिफ है। सरकार के पास बीड़ी मजदूरों से संबंधित जो आंकड़े हैं, वह हास्यास्पद है। ऐसे में यह उम्मीद करना कि केंद्र सरकार के पास झारखंड के बीड़ी मजदूरों के संबंध में कोई विशेष जानकारी होगी, बेमानी है। इन परिस्थितियों में राज्य सरकार या केंद्र सरकार द्वारा बीड़ी मजदूरों के लिए बनाई गई योजनाएं कितनी उपयोगी होंगी, इसका सहज ही अनुमान लगाया जा सकता है। सूचना अधिकार अधिनियम के तहत प्राप्त आंकड़ों के अनुसार राज्य सरकार के श्रम नियोजन एवं प्रशिक्षण विभाग की नजर में पाकुड़ जिले में मात्र 2589 मजदूर हैं। पर वास्तविकता यह है कि इस जिले में बीड़ी मजदूरों की संख्या 25 हजार से भी अधिक है।