हिंदी विश्‍वविद्यालय : नए सत्र से कई रोजगार परक पाठ्यक्रम शुरू

पहले हिंदी माध्यम से पढ़ाई करने पर उच्च वेतनमान पर नौकरी पाना बहुत आसान नहीं था, खासकर प्रबंधन व आईटी क्षेत्रों में। गरीब लोग अंग्रेजी माध्यम से शिक्षा न प्राप्त कर पाने के कारण निजी संस्थानों में उच्च वेतनमान पर रोज़गार पाने में असमर्थ हो जाते थे, लेकिन अब कम्प्यूटर और आईटी क्षेत्र में भी कैरियर बनाना हिंदी भाषी लोगों के लिए बिल्कुल आसान होने जा रहा है। अंग्रेजी में कमजोर होने के कारण निराश विद्यार्थी अब हिंदी के बूते इस क्षेत्र में अपना लक्ष्य पूरा कर सकेंगे क्योंकि हिंदी भाषा को ज्ञान-विज्ञान की भाषा के रूप में संमृद्ध करने तथा रोजगारोन्मुख बनाने के उद्देश्य से स्थापित महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा ने पहली बार हिंदी माध्यम से एमबीए, बीबीए, एमए इन कंप्यूटर लिंग्विस्टिक्स, मास्टर ऑफ इन्फारमेटिक्स एण्ड लैंग्वेज इंजीनियरिंग, पीएचडी इन इन्फारमेटिक्स एण्ड लैंग्वेज इंजीनियरिंग पाठ्यक्रम शुरू किया है।