समाज-सरोकार कोख में दफन होने से बेटियों को बचाया, अब न्याय के लिए भटक रही ‘अकेले ही चले थे जानिबे मंजिल मगर, लोग आते गए कारवां बनता गया।’ ये पंक्तियां दो वर्ष पूर्व भ्रूण परीक्षण व कन्या भ्रूण हत्या... Bhadas4Media.comApril 2, 2011