हजारों बेकसूरों को मौत देकर जहाज से उड़ गये परदेसी

मनोज कुमारघाव को हरा कर गया : अपनी हरियाली और झील के मशहूर भोपाल ने कभी सोचा भी नहीं था कि एक दिन इस पर्यावरण प्रेमी शहर को कोई जहरीली गैस निगल जाएगी लेकिन सच तो यही था। हुआ भी यही और यह होना कल की बात कर तरह लगती है जबकि कयामत के पच्चीस बरस गुजर चुके हैं। इन बरसों में कम से कम दो पीढ़ी जवान हो चुकी है। गंगा नदी में जाने कितना पानी बह चुका है। पच्चीस बरस में दुनिया में कितने परिवर्तन आ चुके हैं। सत्ताधीशों के नाम और चेहरे भी बदलते रहे हैं। इतने बदलाव के बाद भी कुछ नहीं बदला तो भोपाल के अवाम के चेहरे का दर्द। यह घाव इतना गहरा था कि इसे भरने में शायद और भी कई पच्चीस साल लग जाएं।

15000 बेगुनाहों का पद्म भूषण हत्यारा!

[caption id="attachment_2309" align="alignleft" width="71"]अमलेंदु उपाध्यायअमलेंदु उपाध्याय[/caption]: ताकतवर अमीरों के लिए कानून अलग ढंग से काम करता है :  न्यायपालिका के निष्पक्ष होने का ढिंढोरा दुनिया का सबसे बड़ा झूठ : न्यायपालिका, सरकार, सीबीआई भोपाल के क़ातिलों के हक़ में खड़े : एंडरसन को फांसी पर चढ़ा देने की बात क्यों नहीं आई? : भारत सरकार ने एक बार भी एंडरसन को अमरीका से मांगने का हौसला नहीं दिखाया : एंडरसन निश्चित रूप से लखवी और सईद और लादेन से बड़ा हत्यारा है : भाजपा की अटल बिहारी वाजपेयी सरकार ने वर्ष 2002 में केशव महिन्द्रा को पद्म भूषण पुरस्कार देने का ऐलान किया था : एंडरसन और केशव महिन्द्रा का गैंग भविष्य की विश्व की आर्थिक शक्ति बनते भारत (जिसका दावा प्रधानमंत्री और उनके प्रशंसक करते हैं) का मज़ाक उड़ा रहा है :