बातों बातों में दोस्त है तो दुश्मनों की क्या जरूरत! कल सुबह-सुबह विद्रोहीजी आ धमके। बहुत गुस्से में थे। वह किसी व्यक्ति विशेष से गुस्सा नहीं थे। पूरे देश से वे गुस्सा थे। इतना... Bhadas4Media.comNovember 23, 2010