क्या यह किसानों के साथ धोखा नहीं..

नूतन ठाकुरजिस तरह से एकजुट होकर किसान भूमि अधिग्रहण कानून के खिलाफ संघर्ष कर रहे हैं उसे देख कर तो यही लगता है कि जल्द ही अगर इस कानून में बदलाव नहीं लाया गया और किसानो के हितों की और अनदेखी की गई तो आगे चल कर निश्चित रूप इसके दुष्परिणाम किसान विद्रोह के रूप में हमारे सामने आयेंगे. अधिग्रहण को ले कर उत्तर प्रदेश के भट्टा-परसौल के किसानो के आंदोलन की यादे अभी धुंधली भी नहीं पड़ी हैं कि मध्यप्रदेश के छिंदवाडा जिले के चौरई ब्लाक के चौसरा, भुलामोहगांव, हिवरखेडी, धनौरा, डागावानी, पिपरिया तथा टेकाथावरी आदि गांव के किसान भी इसी राह पर निकल पड़े हैं.

पत्नी को पति की तनख्वाह जानने का हक नहीं!

Dr Nutan Thakurउत्तर प्रदेश में सूचना का अधिकार कानून की क्या स्थिति है और नियमों को ताकपर रख कर किस तरह से फैसले लिए जाते हैं इसकी एक बानगी मै आप लोगो के समक्ष रख रही हूँ. यह पूरा मामला अपने आप में कई सवालों को समेटे हुए है. इस उदहारण को देखकर आप ही निर्णय करे कि क्या यह आदेश सही है? मामला कुछ इस प्रकार है- यू.पी पावर कारपोरेशन में कार्यरत अमित श्रीवास्तव नाम के एक कर्मचारी की पत्नी भावना श्रीवास्तव ने अपने पति के वेतन और भत्तो से सम्बंधित सूचना मांगी थी. साथ ही उसने सरकारी अभिलेखों में पति द्वारा अपने परिवार के सम्बन्ध में दी गई जानकारी की भी सूचना मांगी थी.