दुनिया के सबसे बड़े आतंकी का न्याय होना बाकी है

आरपी सिंहआतंक का साम्राज्य अजर-अमर नहीं होता, उसका अंत होना तय है। अंतरराष्ट्रीय आतंक का पर्याय बन चुका ओसामा बिन लादेन पाकिस्तान की सरजमीं पर अमेरिकी नौसेना कमांडो दस्ते के हाथों 2 मई को जिस तरह मारा गया, उससे तो यही जाहिर होता है। मुसोलिनी व हिटलर का दुखद अंत अब विश्व इतिहास का हिस्सा बन चुका है। हालांकि उनके आतंक का खौफ़ अभी भी दुनिया के ज़ेहन से मिटा नहीं है। और ओसामा तो अभी-अभी मरा है। जाहिर है उसका आतंक इतना जल्द मिटने वाला नहीं है। अमेरिका के खिलाफ ओसामा का 9/11 का इस्लामी जिहाद भी लोगों ने अचरज से देखा। आज उसकी मौत को भी लोग उसी अंदाज में देख रहे हैं।